चंडीगढ़। देश में जल्द ही कोरोना की वैक्सीन आने वाली है लेकिन इसके रखरखाव को लेकर चुनौतियां अब भी बरकरार हैं। इन चुनौतियों से कैसे निपटना है, इसका एक डेमो बुधवार को सेक्टर-27 स्थित प्रेस क्लब में एक कंपनी की ओर से दिया गया और दावा किया गया कि कोल्ड चेन की चुनौती को ड्राई आइस से खत्म किया जा सकता है।
कंपनी का कहना है कि कोविड वैक्सीन को बहुत कम तापमान पर रखा जाना है इसलिए करीब 27,000 से ज्यादा कोल्ड चेन प्वाइंट और 76,000 से ज्यादा कोल्ड चेन उपकरण की जरूरत पड़ेगी। कंपनी ने इंसुलेटेड आइस बॉक्स और ड्राई आइस का उपयोग करके वैक्सीन को सुरक्षित रखने का दावा किया है। कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि कोविड वैक्सीन लाने और ले जाने के लिए ड्राई आइस की आवश्यकता सबसे ज्यादा होती है। इसका उपयोग किया जाए तो कोल्ड चेन प्वाइंट और कोल्ड चेन उपकरणों का काम कम हो सकता है।
कोविड वैक्सीन लगाने के कार्यक्रम में 27,000 से ज्यादा कोल्ड-चेन प्वाइंट और 76.000 कोल्ड-चेन उपकरण हैं। इसमें से 95 फीसदी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप केंद्रों में हैं। उन्होंने कहा कि पोलियो टीकाकरण अभियान की सफलता का एक प्रमुख कारण था लॉजिस्टिक्स में ड्राई आइस का उपयोग। अधिकारी ने कहा कि विशेषज्ञों के अनुसार कोविड -19 वैक्सीन की दो लाख खुराक को स्टोर करने और परिवहन के लिए सिर्फ 1000 किलोग्राम ड्राई आइस की जरूरत होगी। इसके लिए जरूरी है ठीक से डिजाइन और इंसुलेटेड आकार के बॉक्स। जरूरी यह है कि बॉक्स न खोले जाएं। वैक्सीन परिवहन और भंडारण के लिए विश्व स्तर पर इसी तरह के बक्सों का उपयोग किया जा सकता है।