फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरियाणा : किसानों के जमावड़े को कोरोना से बचाने की चिंता, अनिल विज बोले-बातचीत फिर शुरू करवाएंगे

Fri, 09 Apr 2021 12:17 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक के बाद हरियाणा के गृहमंत्री ने दिया बयान
  • कहा, किसानों से दोबारा बातचीत शुरू करके ही मामले का हल निकलेगा 
विज्ञापन
गृहमंत्री अनिल विज। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र के साथ गुरुवार को हुई बैठक पर हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने प्रतिक्रिया दी है। विज ने कहा है कि प्रधानमंत्री ने जो दिशा निर्देश दिए हैं हम उन पर काम करेंगे। 

विज्ञापन


विज ने कहा कि उनकी चिंता हरियाणा के बॉर्डर पर लगे किसानों के जमावड़े को लेकर है। हमें उन किसानों को भी कोरोना से बचाना है। इसके लिए वे केंद्रीय कृषि मंत्री को पत्र लिखने वाले हैं ताकि किसानों और सरकार के बीच बातचीत का सिलसिला दोबारा शुरू किया जा सके। विज ने कहा कि बातचीत से ही समाधान होगा। बातचीत से ही किसानों को वहां से हटाया जा सकेगा।  

विज्ञापन

कुंडली बॉर्डर पर बढ़ रही बीमार किसानों की तादाद

सोनीपत में कुंडली बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों में बीमारों की तादाद बढ़ती जा रही है। पिछले पांच दिन से तीन गुना ज्यादा किसान बीमार मिले हैं। इनमें अधिकतर खांसी, जुकाम और बुखार के मरीज हैं। इन लक्षणों को देखकर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ज्यादा परेशान है, क्योंकि किसान कोरोना जांच भी नहीं करा रहे है। ऐसे में उनको सिर्फ दवा बांटी जा रही है। अब पिछले पांच दिन से हालात यह हो गए हैं कि कुंडली बॉर्डर पर रोजाना करीब 4 हजार गोलियां बांटी जा रही है। वहां प्राइवेट संस्थाएं भी शिविर लगाकर लगातार किसानों का उपचार कर रही है।

प्रशासन ने अब किसानों को कोरोना जांच कराने व वैक्सीन लगवाने के लिए काउंसिलिंग कराने का फैसला लिया है। किसानों को जांच कराने के लिए टीमें बार-बार आग्रह कर रही हैं, लेकिन किसान जांच कराने को तैयार नहीं है। किसानों को यह लगता है कि सरकार उनकी कोरोना जांच कराकर पॉजीटिव बताकर वहां से हटा देगी। इसके साथ ही प्रशासन ने कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए भी काउंटर लगाया तो वहां भी किसान काफी कम पहुंच रहे है।  

कुंडली बॉर्डर पर किसानों की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की दस टीमों को लगाया गया है। वह टीमें किसानों की थर्मल स्क्रीनिंग व अन्य जांच करके दवाई दे रही है। कुंडली बॉर्डर धरनास्थल पर तीन महीने पहले रोजाना खांसी, जुकाम और बुखार के करीब 50 मरीज मिल रहे थे। अब अचानक ही किसानों के बीमार होने के आंकड़े ने उछाल मारा है।  
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें