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स्थिति साफ : पीयू के छात्रावासों में रह रहे शोधार्थियों की कोरोना जांच अनिवार्य नहीं, अधिकारी या वार्डन नहीं बना सकते जांच के लिए दबाव

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चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय के सीनेट चुनाव एक साल से नहीं हो पा रहे हैं। कभी कोरोना बाधा बन रहा है तो कभी कोई अन्य रुकावट आ जा रही है। इस बार भी सीनेट चुनाव का कार्यक्रम स्थगित हो गया है। माना जा रहा है कि पीयू अगस्त में सीनेट चुनाव करवाएगी। हालांकि कोरोना से हालात सामान्य होने के बाद ही यह चुनाव होंगे। जुलाई में हाईकोर्ट में इसको लेकर सुनवाई है। उस निर्णय पर भी पूरा चुनाव कार्यक्रम टिका हुआ है।
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पिछले साल अगस्त में ही सीनेट चुनाव करवाने के लिए कार्यक्रम जारी हुआ था लेकिन कोरोना के कारण उसको रोक दिया गया। इसको लेकर कई बार प्रदर्शन हुए पर चुनाव नहीं हो पाए। मामला हाईकोर्ट पहुंचा। वहां से दो माह में चुनाव करवाने के आदेश हुए। पीयू ने चुनाव कार्यक्रम जारी किया और उसके बाद फिर चुनावों को कोरोना के कारण रोक दिया गया। इसका भी विरोध हुआ लेकिन बात नहीं बनी। चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार कई बार प्रचार कर चुके थे, उनकी तैयारियां धरी की धरी रह गईं।
फैकल्टी के चुनाव सबसे आखिर में हो सकते
पीयू ने इस बार जारी चुनावी कार्यक्रम में फैकल्टी वर्ग के चुनाव सबसे पहले रखा था लेकिन इस वर्ग के चुनावों को सबसे आखिर में कर दिया गया। यह चुनाव अब तक सबसे पहले होते थे। इसका भी दिग्गजों ने विरोध किया। सूत्रों का कहना है कि अगस्त में होने वाले चुनावों में भी फैकल्टी वर्ग के चुनाव सबसे आखिर में करवाने की तैयारी है जबकि सबसे आखिर में स्नातक वर्ग के चुनाव होते थे।
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उच्च स्तरीय कमेटी की सिफारिशें लागू हुईं तो बदल जाएगा नजारा
पीयू शासन सुधार के लिए बनाई गई उच्च स्तरीय कमेटी ने अपना निर्णय ले लिया है। सूत्रों का कहना है कि कमेटी ने अपने सुझाव चांसलर को भेज दिए हैं। यदि कमेटी के सुझाव अगस्त से पहले लागू हो गए तो फिर सीनेट चुनाव का नजारा बदल जाएगा। सूत्रों का कहना है कि चांसलर की ओर से जिन सुझावों को मंजूरी दी जाएगी, उसी के मुताबिक कार्य होगा। स्नातक वर्ग के चुनाव से लेकर डीन की तैनाती तक बदलाव की संभावनाएं देखी जा रही हैं। सीनेट में सदस्यों की संख्या भी कम होगी। कितने सदस्य होंगे और उनका बंटवारा कैसे होगा और चुनाव की प्रक्रिया क्या होगी? यह सब चांसलर कार्यालय की ओर से तय होगा। जानकारों का कहना है कि चांसलर कार्यालय जून में इन सुझावों पर फाइनल मुहर लगा सकता है। उसके बाद पीयू चुनावी कार्यक्रम नया जारी करेगी।
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