मरने वालों मरीजों के स्थिति देखने के बाद यह बात भी सामने आई हैं कि कोरोना संक्रमण अब सांस लेने में दिक्कत करने लगा है। कोरोना अब मरीजों को सांस लेने में बाधा डाल रहा है। जिससे मरीजों के फेफड़े प्रभावित हो रहे हैं और ऑक्सीजन की कमी की वजह से फेफड़े जांच हो रहे हैं।
यही वजह है कि ऑक्सीजन सपोर्ट वाले मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। प्रदेश में इस वक्त 319 मरीजों की हालत बहुत नाजुक बनी हुई है। जिनमें से 276 मरीजों को सांस लेने में काफी प्राब्लम आ रही है। इनमें वे मरीज भी हैं, जो संक्रमण ग्रस्त होने से पहले स्वस्थ थे। जिस वजह से उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर डाला गया है। जबकि 43 नाजुक हालात वाले मरीजों को वेंटिलेटर पर रखा गया है।
विशेषज्ञ बोले, लक्षण दिखते ही अब जांच में देरी न करें
स्वास्थ्य महकमे के विशेषज्ञ डा. राजेंद्र राय बताते हैं कि संक्रमण की वजह से थोड़ी दिक्कत और खतरा तो बढ़ा है। इसलिए बहुत जरूरी है कि लक्षण दिखते ही मरीज तुरंत टेस्ट करवाएं। यदि मरीज किसी पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आया है या किसी के घर संक्रमित मरीज की मौत हुई है तो वे पहले और सातवें दिन दो बार अपना टेस्ट जरूर करवाएं।
इसके अलावा बाहर से आने वाले, किसी संक्रमित मृतक मरीज के संस्कार पर जाने वाले लोग भी अपना टेस्ट करवाने से गुरेज न करें। मास्क का पहनना इस वक्त पहले से भी ज्यादा जरूरी हो गया है। भले ही अनलॉक में छूट मिल रही हैं, मगर इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग प्रोटोकॉल की पालना करना अपना स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। बुजुर्गों और दस साल से कम उम्र के बच्चों को तो बहुत ज्यादा ध्यान रखना है।