चंडीगढ़। कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम क्या हुई, स्वास्थ्य विभाग संक्रमित मरीजों को लेकर अनदेखी का रवैया अपनाने लगा है। स्थिति यह है कि अब संक्रमित मरीजों का विवरण आईडीएसपी पोर्टल पर अपलोड नहीं किया जा रहा है लेकिन काम के नाम पर कोविड बुलेटिन प्रतिदिन जारी किया जा रहा है। इतना ही नहीं मरीज को अस्पताल में भर्ती करने में भी अनदेखी का मामला सामने आया है। इसका फायदा उठाकर मरीज संक्रमण के दौरान भी धड़ल्ले से रिक्शे पर सवारियां ढोता रहा। वहीं स्वास्थ्य निदेशक डॉ. सुमन सिंह का कहना है कि किशनगढ़ का मरीज चंडीगढ़ के दायरे में नहीं आता है।स्वास्थ्य विभाग ने 11 सितंबर को जिन लोगों के नमूने कोरोना जांच को लिए थे, उसकी रिपोर्ट 12 सितंबर की दोपहर दो बजे आई। उस रिपोर्ट में किशनगढ़ निवासी एक 50 वर्षीय पुरुष में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। उस रिपोर्ट के आधार पर क्वारंटीन करने वाली टीम भी उस मरीज के पास पहुंची लेकिन मौके से सूचना देने के बावजूद मरीज को अस्पताल में भर्ती करने के लिए लेने नहीं आई। घंटों गुजारकर टीम वहां से लौट गई जबकि संक्रमित रिक्शा चालक था सवारियां ढोता रहा।
कोविड बुलेटिन के नाम पर महज दिखावा
एक तरफ स्वास्थ्य विभाग दावा कर रहा है कि प्रतिदिन कोविड से जुड़ी सभी सूचनाएं बुलेटिन में जारी की जा रही हैं। वहीं इस घटना से यह सच्चाई सामने आ रही है कि आईडीएसपी के पोर्टल पर भी गलत सूचनाएं दी जा रही हैं क्योंकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से 12 सितंबर को जारी कोविड बुलेटिन में संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 100693 थी। यह संख्या 26 सितंबर की बुलेटिन में भी ठीक यही रही।
मौत के आंकड़ों में भी हुई थी हेरफेर
बता दें कि संक्रमित मरीजों की जानकारी अपडेट करने में अनदेखी करने वाले विभाग ने कोविड में मौतों के आंकड़े में भी भारी हेरफेर किया था, जिसे बाद में विभाग ने खुद स्वीकार किया। प्रशासन के निर्देश पर विभाग ने एक बार में 256 कोविड मौतों को खुलासा कर मृतकों की संख्या 820 से बढ़ाकर 1,076 कर दी थी।
कोरोना की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के 14 दिन बाद भी बुलेटिन में दर्ज नहीं करना मामला गंभीर है। जिम्मेदार अधिकारी से इस संबंध में स्पष्टीकरण लिया जाएगा। -अजय चगती, स्वास्थ्य सचिव, चंडीगढ़