चंडीगढ़। औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 स्थित बर्कले रियलटेक लिमिटेड के वाणिज्यिक परिसर को यूटी प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सोमवार को करीब 25 दिन बाद खोल दिया है। इस संबंध में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि उन्हें सूचित किया गया था कि 31 अगस्त, 2023 को सीलिंग/बंद करने का आदेश पारित किया गया था और एक सितंबर, 2023 को औद्योगिक क्षेत्र में मौजूद बर्कले स्क्वायर को सील कर दिया गया। पर्यावरण मानदंडों का उल्लंघन करने को लेकर चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण समिति (सीपीसीसी) के निर्देश पर एस्टेट ऑफिस की ओर से एक सितंबर को परिसर को सील कर दिया गया था।सीपीसीसी के सदस्य सचिव की ओर से जारी आदेश में कहा गया था कि 14 जुलाई को औचक निरीक्षण के दौरान पाया गया कि इकाई एक सर्विस स्टेशन के साथ एक वाणिज्यिक कांप्लेक्स चला रही थी और उसने 320 केवीए के दो डीजल जनरेटर सेट स्थापित किए थे, जोकि प्रत्येक 62.5 केवीए के थे। यूनिट ने डेंटिंग और पेंटिंग सेवाएं भी प्रदान कीं और इमारत की तीसरी मंजिल पर एक पेंट बूथ स्थापित किया। चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण समिति (सीपीसीसी) की ओर से उन्हें जारी की गई शर्तों के अनुसार यूनिट को सीपीसीसी की पूर्व अनुमति के बिना डीजल जनरेटर सेट स्थापित या उपयोग नहीं करना चाहिए था। उक्त मामले को लेकर यूनिट को एस्टेट ऑफिस की ओर से 14 जुलाई को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। आदेश में कहा गया है कि यूनिट ने 25 जुलाई को अपना जवाब प्रस्तुत किया, जो संतोषजनक नहीं पाया गया। आदेश के अनुसार, सीपीसीसी की ओर से 22 और 25 अगस्त को बर्कले रियलटेक को व्यक्तिगत सुनवाई का मौका भी दिया गया था, जिसमें यूनिट के निदेशक रंजीव दहुजा पेश हुए थे, लेकिन वह उल्लंघनों का औचित्य बताने में असमर्थ थे।