धर्मशाला में जिन लोगों को क्वारंटीन किया गया है, सब परेशान हैं। यहां तक कि धर्मशाला में मरीजों को पानी भी ठीक से नहीं मिल रहा है। इसे लेकर काफी देर तक डॉक्टर व महिला के बीच बहस होती रही। उसके बाद महिला ने बच्ची को जमीन पर रख दिया। करीब 10 मिनट तक बच्ची जमीन पर पड़ी रही।
इस बीच डॉक्टरों ने महिला को समझाया और उसे भरोसा दिलाया कि धर्मशाला में मरीजों के लिए सभी व्यवस्थाएं की गईं हैं। फिर भी जब महिला नहीं मानी तो उसे उसकी बच्ची के साथ पीजीआई के डॉक्टर फिर से नेहरू एक्सटेंशन सेंटर में वापस ले गए और बच्ची को भर्ती कर लिया।
गाइडलाइंस के अनुसार दी जा रहीं सभी सुविधाएं: स्वास्थ्य सचिव
चंडीगढ़ के स्वास्थ्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि सूद धर्मशाला में कोरोना के मरीजों को डिस्चार्ज करने के बाद उन्हें क्वारंटीन करने की सुविधा है। अगर किसी के घर में क्वारंटीन की सुविधा है तो वह घर जा सकता है।
सूद धर्मशाला में मरीजों को होम क्वारंटीन की सुविधा दी जा रही है। वहां एक कमरा दिया जा रहा है, जिसके साथ जुड़ा हुआ एक बाथरूम है। सरकार की तरफ से जो गाइडलाइंस है, उसके अनुसार वहां लोगों को सभी सुविधाएं दी जा रही हैं।