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कोरोना : नए साल के जश्न में नहीं पड़ेगा खलल, मॉकड्रिल 

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अस्पताल में जायजा लेते सेक्रेटरी हेल्थ यशपाल गर्ग - फोटो : CHANDIGARH
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चंडीगढ़। नए साल के जश्न में इस बार कोरोना कोई खलल नहीं डालेगा, क्योंकि प्रशासन ने कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए फिलहाल किसी भी तरह की पाबंदी लगाने से इन्कार कर दिया है। प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने कहा कि लोग सावधानी के साथ नए साल का जश्न मनाएं, फिलहाल किसी भी कार्यक्रम में लोगों की संख्या को सीमित नहीं किया जाएगा। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि भीड़भाड़ वाली जगह पर मास्क लगाएं।
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कोरोना के खतरे को देखते हुए शहर के सभी सरकारी व निजी अस्पतालों में मंगलवार को मॉकड्रिल कर कोरोना से बचाव की तैयारियों का आकलन किया गया। पूरे दिन ये जांच चली, जिसकी समीक्षा के बाद शाम को प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने एक प्रेसवार्ता बुलाई। सलाहकार ने कहा कि कोरोना से लड़ने के लिए चंडीगढ़ पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में बेड, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन, दवाइयों आदि का स्टॉक देखा गया, जो संतोषजनक पाया गया। हालांकि उन्होंने माना कि अभी भी बहुत से लोगों ने बूस्टर डोज नहीं लगवाया है। आग्रह किया कि लोग जल्द से जल्द टीका लगवाएं। बताया गया कि स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग, स्वास्थ्य निदेशक डॉ. सुमन सिंह व जीएमसीएच-32 की निदेशक प्राचार्य डॉ. जसविंदर कौर व चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुधीर गर्ग ने अपनी टीम के साथ मिलकर अलग-अलग चरणों में मॉकड्रिल की प्रक्रिया पूरी की। इस दौरान आईसीयू, इमरजेंसी, ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट, ऑक्सीजन सिलिंडर, ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर, दवा, एंबुलेंस व बचाव से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं की जांच दी गई। स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर पीजीआई ने भी अपनी तैयारियों का आकलन किया। चंडीगढ़ महामारी से बचाव के लिए हर स्तर पर तैयार पाया गया।
कर्मचारियों की कमी नहीं, जरूरत पड़ी तो होगी भर्ती
स्वास्थ्य सचिव के अनुसार विभाग के पास कर्मचारियों की कोई कमी नहीं है लेकिन आवश्यकता पड़ने पर दोबारा तैनाती की जाएगी। उस दौरान उन लोगों को वरीयता दी जाएगी जो पहले कोविड-19 की लहरों में काम कर चुके हैं। बेड को लेकर जीएमसीएच 32 और जीएमएसएच 16 में आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। उन्होंने बताया कि अगर बेड बढ़ाने की जरूरत पड़ी तो गैर कोविड मरीजों के बेड को कोविड-19 में बदल दिया जाएगा। इसके साथ ही विभाग के पास आपातकालीन दवाओं का बफर स्टॉक उपलब्ध है। सभी वेंटिलेटर क्रियाशील हैं।
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पीजीआई ने भी जांची हर स्तर पर तैयारी
पीजीआई निदेशक प्रो. विवेक लाल के नेतृत्व में कोविड-19 से बचाव व इलाज से जुड़ी शुरू से अंत तक की प्रक्रिया क्रमवार तरीके से पूरी की गई। इस दौरान फ्रंटलाइन हेल्थ केयर प्रोवाइडर, डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ ने संक्रमण से बचाव के मानकों का पालन करते हुए संदिग्ध मरीज के जांच का नमूना लेकर उसे यूरोलॉजी विभाग में भेजा। आपातकालीन व्यवस्था में एम्बुलेंस के माध्यम से संक्रमित मरीज को आइसोलेशन वार्ड तक भेजा गया। इस दौरान सभी आवश्यक दवाएं, उपयोग की वस्तुएं, उपकरण व साफ-सफाई से जुड़ी हर चीज का बारीकी से आकलन किया गया। मॉकड्रिल की प्रक्रिया 70 मिनट तक चली। उसके बाद डीडीए कुमार गौरव ने तैयारियों का आकलन करने व विश्लेषण करने के बाद शाम 4.10 पर मॉकड्रिल समाप्त करने का निर्देश दिया। इस दौरान आईसीयू के ऑक्सीजन युक्त 70 बेड की व्यवस्था भी जांची गई। वहीं ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट को भी चेक किया गया।
ऑक्सीजन का स्टॉक भरपूर
लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन- 86.5 किलो लीटर
ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर- 500
ऑक्सीजन सिलिंडर- 2502
ऑक्सीजन जेनरेटर प्लांट
पीजीआई- एक हजार लीटर प्रति मिनट (एलपीएम) के दो प्लांट
जीएमसीएच 32- एक हजार और 800 एलपीएम के एक-एक प्लांट
जीएमएसएच 16- 500 और 800 एलपीएम के एक-एक प्लांट
सेक्टर-48 अस्पताल- 100 एलपीएम का एक प्लांट
ईडन अस्पताल- 50 एलपीएम
हीलिंग अस्पताल- 218 एलपीएम
--- टीकाकरण की स्थिति गंभीर ---
डोज लक्ष्य प्राप्ति
प्रिकॉशन डोज- 843000 13.16 प्रतिशत(110941)
12-14 साल की पहली डोज 45000 80.92 प्रतिशत
12-14 साल की दूसरी डोज 45000 55.29 प्रतिशत
15- 18 साल की पहली डोज 72000 104.12 प्रतिशत
15- 18 साल की दूसरी डोज 72000 74.08 प्रतिशत
15- 18 साल की प्रिकॉशन डोज 72000 2.21 प्रतिशत
कोट-
मॉक ड्रिल के दौरान सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गई हैं। संक्रमण के खतरे को देखते हुए उसके आधार पर हर स्तर पर निगरानी की जा रही है। शहर में कोविड मामलों की स्थिति के आधार पर उचित उपाय किए जाएंगे। वहीं लोगों से अपील है कि यदि कोरोना टीके की उनकी कोई खुराक बाकी है तो वह जल्द से जल्द टीका लगवा लें।
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-धर्मपाल, सलाहकार, यूटी प्रशासक
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