पठानकोट एयरपोर्ट पर गुरुवार सुबह दिल्ली से आए विमान में पहुंचे 32 यात्रियों की सेहत विभाग की रैपिड एक्शन टीम ने जांच की। सभी यात्री स्वस्थ पाए गए। इनमें से 4 लोग विदेश से जबकि अन्य लोग दिल्ली समेत अन्य राज्यों से आए थे। जर्मनी से आए छात्र समेत दो लोगों ने अपना चेकअप करवाया।
चेकअप में उनमें कोरोना का कोई लक्षण नहीं पाया गया। बता दें, अब तक विदेश से पठानकोट पहुंचे 81 लोगों की रैपिड एक्शन टीम जांच कर चुकी है, जिनमें से 35 लोगों को अंडर सर्विलांस रखा गया है। हालांकि पठानकोट में कोई भी करोना पॉजीटिव मरीज नहीं मिला है।
जर्मनी से आए युवक को अन्य मरीजों की लाइन में खड़ा किया
जर्मनी से पठानकोट पहुंचा छात्र गुरुवार को सिविल अस्पताल में चेकअप के लिए पहुंचा। बारी आने पर उसने डॉक्टर को बताया कि वह जर्मनी से लौटा है। इस पर डॉक्टर ने उसे बाहर अन्य मरीजों के साथ प्रतीक्षा करने को कहा। लगभग आधा घंटा युवक ओपीडी में बैठा रहा। उसके बाद दोबारा युवक को अंदर बुलाया गया और चेकअप कर दवाई देकर घर भेज दिया गया।
एसएमओ डॉ. भूपिंद्र सिंह ने कहा कि जो भी व्यक्ति दूसरे देश से आता है तो वह अपना एक बार जरूर चेकअप करवा ले। ताकि समय रहते समस्या को खत्म किया जा सके। अगर अस्पताल में दूसरे देश से आया व्यक्ति खुद चेकअप के लिए आता है तो यह बहुत ही अच्छी बात है। अभी तक जिले में कोई भी कोरोना वायरस का मरीज नहीं मिला है।
कोटकपूरा: कोरोना के संदिग्ध को भेजा मेडिकल अस्पताल
सेहत विभाग ने हाल ही में बहरीन से लौटे शहर के 40 वर्षीय युवक में कोरोना के लक्षण दिखाई देने के बाद उसे फरीदकोट के गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया है। उसे आइसोलेशन वार्ड में दाखिल कर लिया गया है और सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार बहरीन से लौटने के बाद उक्त व्यक्ति को बुखार और खांसी की तकलीफ थी और गुरुवार को वह सिविल अस्पताल पहुंचा था। जांच के बाद जब सेहत विभाग ने उसे दाखिल होने की सलाह दी तो वह घर जाने की जिद करने लगा लेकिन बाद में सेहत विभाग ने उसे जबरन एंबुलेंस के माध्यम से फरीदकोट भेज दिया। एसएमओ डॉ. हरकंवलजीत सिंह ने कहा कि यह मरीज फरीदकोट की जगह कोटकपूरा में इलाज करवाने की जिद कर रहा था लेकिन ऐसे माहौल में किसी की जिद पूरे समाज के लिए मुसीबत बन सकती है।