मुख्यमंत्री ने दिन आरामदायक तरीके से बिताया और अच्छी नींद ली। उधर, हरियाणा के विद्युत तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री रणजीत सिंह की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है और अब वे पूरी तरह से स्वस्थ हैं। रणजीत सिंह ने आज ट्वीट कर कहा कि डॉक्टरों ने अभी मुझे कुछ दिन घर पर आराम करने की सलाह दी है। इसके बाद वे जल्द ही नियमित विभागीय और जन सेवा के कार्यों के लिए मौजूद रहेंगे।
चौबीस घंटे में फरीदाबाद में 266, गुरुग्राम में 258, सोनीपत में 100, रेवाड़ी में 115, अंबाला में 98, रोहतक में 162, पानीपत में 204, करनाल में 224, हिसार में 84, पलवल में 21, पंचकूला में 169, महेंद्रगढ़ में 69, झज्जर में 43, भिवानी में 21, कुरुक्षेत्र में 140, नूंह में 24, सिरसा में 49, यमुनानगर में 80, फतेहाबाद में 52, कैथल में 57, जींद में 46 व चरखी दादरी में चार नए मरीज सामने आए हैं।
अब तक फरीदाबाद में 14434, गुरुग्राम में 13740, सोनीपत में 5274, रेवाड़ी में 4127, अंबाला में 4871, रोहतक में 3664, पानीपत में 4929, करनाल में 4389, हिसार में 3092, पलवल में 1682, पंचकूला में 3315, महेंद्रगढ़ में 2225, झज्जर में 1550, भिवानी में 1766, कुरुक्षेत्र में 2709, नूहं में 877, सिरसा में 1911, यमुनानगर में 2320, फतेहाबाद में 1277, कैथल में 1536, जींद में 1045 व चरखी दादरी में 326 संक्रमित मरीज सामने आ चुके हैं।
फरीदाबाद में 12941, गुरुग्राम में 11821, सोनीपत में 4389, रेवाड़ी में 3508, अंबाला में 3951, रोहतक में 2835, पानीपत में 3271, करनाल में 2539, हिसार में 2374, पलवल में 1547, पंचकूला में 2039, महेंद्रगढ़ में 1709, झज्जर में 1212, भिवानी में 1394, कुरुक्षेत्र में 1494, नूंह में 720, सिरसा में 1281, यमुनानगर में 1740, फतेहाबाद में 757, कैथल में 1002, जींद में 550 व चरखी दादरी में 241 मरीज अब तक स्वस्थ हो चुके हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का स्टाफ रहता है गायब, प्रधानमंत्री को भेजी शिकायत
नूहं इलाके के लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नूहं, मेवात में कार्यरत प्रवर चिकित्सा अधिकारी, लेखा शाखा लिपिक, स्थापना शाखा लिपिक पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनकी शिकायत की है। शिकायत में स्थानीय निवासी मोइन खान, कुसुम, ललिता रानी और राजेश ने कहा ये सभी मिलकर इलाके की स्वास्थ्य सेवाएं बिगाड़े हुए हैं। जिसका खामियाजा जनता भुगत रही है।
कई-कई दिनों तक मिलीभगत के चलते सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का स्टाफ गायब रहता है। न तो डॉक्टर और न ही स्टाफ नर्स यहां लोगों की सुविधा के लिए उपलब्ध रहते हैं। इतना ही नहीं यहां कहने के बावजूद लोगों के कोरोना टेस्ट भी नहीं करवाए जाते। यहां आने वाले सैनिटाइजर, पीपीई किट, दस्ताने आदि में बड़ा गड़बड़झाला किया गया है।
इसी तरह के कई गंभीर आरोप भी स्थानीय लोगों ने यहां स्टाफ पर लगाए हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय से इस मामले में राज्य सरकार से जांच को कहा है। जिस पर अब महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं हरियाणा ने सिविल सर्जन माण्डीखेडा एट नूहं को निर्देश दिए हैं कि इन गंभीर आरोपों की जांच कर अपनी स्पष्ट टिप्पणी के बाद रिपोर्ट पंद्रह दिन में मुख्यालय भेजें।