चंडीगढ़। कोरोना महामारी के इस दौर में अपनी जान की परवाह किए बिना कुछ योद्धा लगातार मैदान में डटे हुए हैं। कोई कोरोना के मरीजों के इलाज और सेवा में जुटा हुआ है तो कोई प्लेटलेट्स लेकर इस जंग में योगदान दे रहा है। लीव फॉर ह्यूमैनिटी संस्था के सदस्य भी कोविड-19 में प्लेटलेट्स देकर कोरोना के मरीजों की जान बचा रहे हैं। कोविड के दौरान संस्था के सदस्यों ने 300 से ज्यादा यूनिट प्लेटलेट्स का दान कर मरीजों की जान बचाने में अहम योगदान दिया है। उनके इस कार्य की सराहना करते हुए पंजाब सरकार ने उन्हें कोरोना फाइटर के सम्मान से नवाजा है।
संस्था के प्रधान संदीप पाहुजा ने बताया कि उनके सदस्य 24 घंटे खून और प्लेटलेट्स देने के लिए तैयार रहते हैं। कोविड-19 में ब्लड बैंकों में खून की कमी को ध्यान में रखते हुए ऑनकॉल मिली सूचना के आधार पर भी प्लेटलेट्स और खूनदान किया गया है। राजपुरा के साथ ही चंडीगढ़ के ब्लड बैंक में भी लगातार रक्तदान किया जा रहा है जिससे मरीजों को खून की कमी का सामना न करना पड़े। संदीप ने बताया कि सरकार ने उनकी हौसलाअफजाई करते हुए कोरोना फाइटर का सर्टिफिकेट प्रदान किया है। संदीप का कहना है कि वह अपने युवा सदस्यों के संकल्प और सहयोग के बल पर ही इस अभियान को सफल बना रहे हैं।
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आइए.. हम सब मिलकर बचाए अनमोल जिंदगी
मैं 51 बार प्लेटलेट्स दान कर चुका हूं। मुझे कभी भी किसी तरह की कोई कमजोरी नहीं हुई। युवाओं को खासतौर पर रक्तदान अभियान से जुड़कर इसे सफल बनाने के लिए आगे आना चाहिए। -अंशुल, चंडीगढ़
मेरा ब्लड ग्रुप ओ पॉजिटिव है। मैं 131 बार प्लेटलेट्स दान कर चुका हूं। कोविड-19 में हम जैसे युवाओं को रक्तदान कर ब्लड बैंक में हो रही खून की कमी को दूर करने का प्रयास करना होगा।
-कालू त्यागी, चंडीगढ़
अगर आप शारीरिक रूप से स्वस्थ हैं तो हर 3 महीने पर रक्तदान करना चाहिए। रक्तदान करने से किसी तरह की कमजोरी नहीं आती बल्कि किसी की अनमोल जिंदगी बचती है। मैं 65 बार प्लेटलेट्स दान कर चुका हूं।
-मुकेश, चंडीगढ़
कोरोना पॉजिटिव मरीजों को इस जंग में अपना योगदान देना होगा। कोरोना से जीतने के बाद वे अपना प्लेटलेट दान करके अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर सकते हैं। मैंने 43 इस बार प्लेटलेट्स दान किया है। मैं पूरी तरह से स्वस्थ हूं।
-पंकज, चंडीगढ़