स्वास्थ्य विभाग ने नवंबर में सीरो सर्वे करवाया था। इसमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में औचक जांच की गई। ग्रामीण इलाकों के कूमकलां, पक्खोवाल, मानुपुर, सिधवाबेट व सुधार और अर्बन में जुगियाना, जनकपुरी, गिल, माधोपुरी, समराला से दो सौ सैंपल लिए। स्वास्थ्य विभाग के जुड़े सूत्र बताते हैं कि जांच रिपोर्ट में पता चला है कि शहर में 90 फीसदी लोगों में एंटीबॉडीज तैयार हो चुकी है। ग्रामीण क्षेत्रों में 20 से 50 फीसदी में ही यह एंटीबाडीज बनी है।
प्रदेश में इस समय कोरोना की दूसरी लहर दस्तक दे चुकी है। अब इसके पीक पर आने का समय आ चुका है। दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन में कोरोना गाइडलाइन की अनदेखी भारी पड़ सकती है। - डॉ. विश्व मोहन, सदस्य, स्टेट कोविड टास्क फोर्स।
किसान आंदोलन खत्म होने के तुरंत बाद पंजाब-हरियाणा सीमा पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें तैनात की जाएगी। किसानों की कोरोना जांच होने के बाद ही उन्हें पंजाब में आने दिया जाएगा। जिन किसानों में संक्रमण के कुछ लक्षण मिलेंगे, उन्हें अलग रखा जाएगा। अगर आइलोशन करने की जरूरत पड़ी तो किया जाएगा। इसके लिए सरकार के पास काफी जगह है। वहीं किसानों को उनके घरों में होम आइसलेट भी किया जाएगा। - बलवीर सिद्धू, स्वास्थ्य मंत्री, पंजाब।