चंडीगढ़ प्रशासन के सलाहकार मनोज परिदा ने कहा कि नाइट कर्फ्यू और सार्वजनिक कार्यों समेत अन्य प्रतिबंधों से कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है। यदि मामले बढ़ते हैं तो लॉकडाउन के विकल्प को खारिज नहीं किया जा सकता है।
बेकाबू हो रहे कोरोना के मामले ने लॉकडाउन की तरफ इशारा करने लगा है। ऐसा माने जाना लगा है कि पूर्ण लॉकडाउन ही अंतिम उपाय है। पिछले साल लॉकडाउन के बाद उत्पन्न स्थिति को देखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन के सलाहकार मनोज परिदा ने कहा कि इससे लोगों की जीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
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उन्होंने कहा कि नाइट कर्फ्यू और सार्वजनिक कार्यों समेत अन्य प्रतिबंधों से कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है। हम बॉर्डर को सील नहीं कर सकते, क्योंकि लोग यहां दिल्ली, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश से आते हैं। लोगों को कोविड प्रोटोकॉल और टीकाकरण का पालन करना चाहिए।
साथ ही उन्होंने कहा कि लॉकडाउन अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर देता है। यह आजीविका को प्रभावित करता है। विशेषज्ञों के साथ चर्चा के बाद ही हम इस तरह के कोई निर्णय ले सकते हैं। हम अपने पड़ोसी राज्यों को भी देख रहे हैं। यदि मामले बढ़ते हैं तो लॉकडाउन के विकल्प को खारिज नहीं किया जा सकता है।