चंडीगढ़। पंजाब आर्म्ड पुलिस की जीओ मेस सेक्टर-1 से चोरी धरोहर तोप चार महीने बाद पुलिस ने बरामद कर ली है। पुलिस की अपराध शाखा ने पीएपी 82 बटालियन के गेट पर रखी दो क्विंटल वजनी तोप चोरी करने वाले तीन आरोपियों को भी दबोच लिया है। इनकी पहचान शुभम शर्मा (23), संजय कुमार निवासी कैंबवाला और एक नाबालिग के रूप में हुई है। बता दें कि जीओ मेस बटालियन के कुक शुभम शर्मा ने ही तोप चुराने की योजना बनाई थी। मूलरूप से हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर का रहने वाला शुभम पीएपी जीओ मेस में ही रहता था। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि आरोपी तोप को बेचना चाहते थे ताकि इसके बदले उन्हें रुपये मिल सकें। तीन फीट लंबी और 200 किलो वजनी तोप को ले जाने के आरोपी एक्टिवा पर आए थे। जीओ मेस के गेट पर तैनात संतरी को चकमा देकर तोप चुरा ले गए। हालांकि, उस समय तोप को बेच नहीं सके क्योंकि तोप के चोरी होने की खबर फैल गई थी। आरोपियों ने तोप को टुकड़ों में बेचने की योजना बनाई और जंगल में छिपा दिया। तोप चोरी का पता लगभग 15 दिन बाद चला था। इस बारे में सेक्टर-3 थाना पुलिस ने 15 मई को केस दर्ज किया था। अपराध शाखा के इंचार्ज इंस्पेक्टर अशोक कुमार ने बताया कि अदालत में पेश कर नाबालिग आरोपी को बाल सुधार गृह भेज दिया है, जबकि शुभम और संजय को दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। इन आरोपियों से वारदात में इस्तेमाल एक्टिवा बरामद करनी है।पीतल की बनी है तोप
शुद्ध पीतल की 200 किलो वजनी तोप पंजाब आर्म्ड पुलिस की धरोहर थी। लगभग डेढ़ वर्ष पहले तोप को 82 बटालियन के स्टोर रूम में शिफ्ट कर दिया गया था लेकिन कुछ समय बाद फिर जीओ मेस के गेट पर रख दिया गया था।
कोट
पुलिस को सूचना मिली थी कि चोर तोप को बेचने के लिए कैंबवाला से नयागांव जाएंगे। इसके बाद पुलिस ने नाका लगा दिया। नाके पर पहुंचे तीन लोगों के पास एक बैग था, जिसमें तोप के टुकड़े रखे थे। पूछताछ के बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
-उदय पाल सिंह, डीएसपी, अपराध शाखा