चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) ने लीज होल्ड से फ्री होल्ड में बदलाव के एक मामले में भवन उल्लंघन पर अहम फैसला लिया है। बोर्ड ने कहा है कि जब तक भवन उल्लंघन को हटाया नहीं जाता, तब तक कन्वेयंस डीड की अनुमति नहीं दी जा सकती।
सीएचबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी यशपाल गर्ग की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि अगर 30 दिन के अंदर भवन उल्लंघन हटा लिया जाता है तो कन्वेयंस डीड की जा सकती है। यदि आवेदक इसमें विफल रहता है तो लीज-होल्ड से फ्री-होल्ड में बदलाव की अनुमति वापस ली जा सकती है और बदलाव शुल्क बिना किसी ब्याज के आवेदक को वापस किया जा सकता है। साथ ही भवन उल्लंघन के संबंध में गलत शपथ पत्र प्रस्तुत करने के मामले में उचित कार्रवाई शुरू की जा सकती है।
सीएचबी ने प्रॉपर्टी ट्रांसपोर्ट व म्युटेशन, कन्वेयंस डीड और लीज डीड को भवन उल्लंघनों से डी-लिंक किया हुआ है और इस साल ही अप्रैल व मई माह में इस संबंधित आदेश जारी किए गए थे। हालांकि ट्रांसफर के समय विक्रेता व खरीदार को एक एफिडेविट जमा करना होता है कि मौजूदा व नया उल्लंघन और दुरुपयोग के संबंध में परिणामों, कार्रवाई व जुर्माने के लिए वह जिम्मेदार होंगे।
उपरोक्त मामलों में स्वामित्व की प्रकृति वही रहती है लेकिन वर्तमान मामला सेक्टर-45सी के हाउस नंबर 2121/1 पूरी तरह से अलग है, जहां प्रॉपर्टी को लीज-होल्ड से फ्री में परिवर्तित किया जाना है। इस मामले को लेकर 31 अगस्त को आवेदक सुदामा मूलचंदानी की उपस्थिति में व्यक्तिगत सुनवाई हुई, जिसमें पाया गया कि फ्री-होल्ड में स्वामित्व की प्रकृति को पूरी तरह से बदल देगा। इसे आवंटियों के नाम पर स्वामित्व की बदली या लीज डीड, कन्वेयंस डीड के के मामलों के साथ नहीं जोड़ा जा सकता है। जब लीज होल्ड के आधार पर आवंटन रद्द करने की प्रक्रिया में है, तब फ्री-होल्ड में परिवर्तन की अनुमति देना उचित नहीं होगा।