चंडीगढ़। शहर की प्रतिष्ठित पंजाब यूनिवर्सिटी को पंजाब सरकार की ओर से मिलने वाले अनुदान के दावों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। पंजाब सरकार ने अपने वार्षिक बजट में पीयू सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों को 990 करोड़ रुपये की ग्रांट जारी की है। इसके बाद शनिवार को शिक्षा मंत्री की ओर से जारी अनुदान के आंकड़े पीयू को अब तक मिली राशि से मेल नहीं खा रहे हैं। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने पंजाब यूनिवर्सिटी को लेकर कहा है कि उन्होंने तीन वित्तीय वर्ष में 100.03 करोड़ रुपये जारी किए हैं, लेकिन हकीकत में पीयू को 79.03 करोड़ जारी हुए हैं। मंत्री बैंस ने कहा है कि वित्तीय वर्ष 2013-14 के दौरान 24.33 करोड़ रुपये, वित्तीय वर्ष 2017-18 के दौरान 33 करोड़ रुपये और वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 42.70 करोड़ रुपये जारी किए गए थे।
वहीं, पीयू के उच्चाधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार पीयू को वित्तीय वर्ष 2013-14 के दौरान 18.33 करोड़ रुपये, वित्तीय वर्ष 2017-18 के दौरान 27 करोड़ रुपये और वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 33.70 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। पीयू ने यह डाटा शनिवार को पंजाब के अधिकारियों को विधानसभा सत्र के लिए भी दिया था। पीयू को पंजाब सरकार से बनती ग्रांट नहीं मिल रही है। पीयू को उपरोक्त सत्र 2022-23 की ग्रांच में 6 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ जारी की जानी थी, इसको लेकर पीयू ने बजट से एक दिन पहले पंजाब सरकार को पत्र भी लिखा था।
शिक्षा मंत्री ने किया था दो हॉस्टलों का दावा, बजट में नहीं किया जिक्र
पंजाब सरकार के शिक्षा मंत्री ने पीयू छात्रसंघ के चुनावों में छात्रों को पंजाब सरकार की ओर से दो हॉस्टल बनवाए जाने का वायदा किया था। इसको लेकर पीयू और पंजाब सरकार के अधिकारियों की हुई बैठक में हॉस्टलों के निर्माण की लागत 40 से 45 करोड़ तय की गई। लेकिन पंजाब सरकार की ओर से बजट के दौरान सभी विश्वविद्यालयों के लिए 990 करोड़ रखे हैं। इसमें पीयू के बजट को लेकर कोई स्पष्टता नहीं की गई है।
छात्रों से किए वादे को करेंगे पूरा
पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्रों से हॉस्टल के किए गए वायदे को पूरा करेंगे। इस महीने के अंत तक हम पंजाब सरकार से हॉस्टलों के लिए फंड लेकर आएंगे। चाहे इसे बजट से अलग ही लाया जाए। -आयुष खटकड़, अध्यक्ष, पीयूसीएससी