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चंडीगढ़ः स्वच्छता रैंकिंग अवार्ड 2018 को लेकर विवाद छिड़ा, मेयर के खिलाफ हुए पार्षद

Fri, 22 Jun 2018 10:20 AM IST
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
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देवेश मोदगिल
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स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 के तहत चंडीगढ़ को मिलने वाले अवार्ड को लेकर विवाद छिड़ गया है। मेयर के खिलाफ अपनी ही पार्टी के पार्षद और पूर्व मेयर मैदान में उतर आए हैं। उधर, मेयर देवेश मोदगिल सहित कमिश्नर केके यादव, पूर्व कमिश्नर जितेंद्र यादव, अतिरिक्त कमिश्नर सौरभ मिश्रा अवार्ड लेने के लिए वीरवार को इंदौर पहुंच गए हैं। पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से स्वच्छता रैंकिंग में चंडीगढ़ को तीसरे नंबर पर आने का अवार्ड 23 जून को दिया जाना है।
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नाराज पूर्व मेयरों एवं पार्षदों का कहना है कि जब पूर्व कमिश्नर जितेंद्र यादव को अवार्ड समारोह में साथ लेकर गए हैं तो पिछले साल की मेयर रही आशा जसवाल को भी साथ लेकर जाना चाहिए था क्योंकि अवार्ड के लिए जो प्रयास पिछले साल हुए हैं, वह आशा जसवाल के कार्यकाल में हुए हैं। पिछले साल जितेंद्र यादव के पास नगर निगम के कमिश्नर का पदभार था। जितेंद्र यादव के अलावा पूर्व मेयर आशा जसवाल ने स्वच्छ सर्वेक्षण रैंकिंग सुधारने के लिए काफी प्रयास किया था। पूर्व मेयर आशा जसवाल को अवार्ड समारोह में साथ न ले जाने का मामला अब पार्टी के स्तर पर भी उठाया जाएगा।

इसके साथ ही 27 जून को होने वाली सदन की बैठक में भी टंडन गुट के पार्षदों की ओर से मामले को जोर-शोर से उठाने की रणनीति बनाई गई है। वहीं, टंडन गुट के पार्षदों ने पार्टी के सीनियर नेताओं से भी मेयर की शिकायत कर दी है। मालूम हो कि इस समय नगर निगम के पार्षदों मेें भारी गुटबाजी है। देवेश मोदगिल को जब इस साल जनवरी माह में पार्टी ने मेयर का उम्मीदवार बनाया था तो टंडन गुट के पार्षदों ने इसका जमकर विरोध किया था।
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मेयर नगर निगम का मुखिया होता है। अच्छी बात है कि जिस मेयर के कार्यकाल में कमिश्नर ने शहर की सफाई व्यवस्था सुधारने और लोगों को साथ जोड़ने के लिए काफी प्रयास किए तो पूर्व कमिश्नर को अवार्ड समारोह में ले जाया गया, पर भेदभाव नहीं होने चाहिए। जिस मेयर के कार्यकाल में यह सारा काम हुआ उसकी अनदेखी करना ठीक नहीं है। पूर्व मेयर आशा जसवाल को भी इंदौर में आयोजित अवार्ड समारोह में साथ लेकर जाना चाहिए था।
- अरुण सूद, पूर्व मेयर एवं पार्षद

खुशी है कि पिछले साल के पूर्व कमिश्नर को अवार्ड लेने के लिए इंदौर साथ ले जाया गया। अच्छा होता इस समारोह के लिए मुझे भी याद कर लिया जाता। स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर परिणाम लाने के लिए मैंने खुद कमिश्नर के साथ शौचालय तक साफ किए। इस समय चंडीगढ़ नंबर तीन पर आया। उम्मीद करती हूं कि अगले साल चंडीगढ़ नंबर-1 पर आए।
- आशा जसवाल, पूर्व मेयर

अवार्ड लेने के लिए जो नामों की कैटेगरी तय हुई है, वह केंद्र सरकार की ओर से आई है। मुझेे बताया गया था कि मेयर सहित पांच अधिकारियों को इंदौर जाना है। मेयर होने के नाते सिर्फ मेरी राय पूछी गई थी क्योंकि सर्वेक्षण उनके कार्यकाल में हुआ है। बाकी जो अन्य अधिकारी कौन जाने हैं, यह कमिश्नर कार्यालय ने तय किए हैं।
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- देवेश मोदगिल, मेयर
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