शहरी स्थानीय निकाय विभाग के मंत्री विपुल गोयल की अधिकारियों को दो टूक
बैठक में कैबिनेट मंत्री राव नरबीर भी रहे मौजूद
चंडीगढ़। निर्माण कार्यों में घटिया क्वालिटी की सामग्री लगाने वाले ठेकेदारों की अब खैर नहीं है। हरियाणा सरकार की ओर से ऐसे ठेकेदारों को ब्लैक लिस्टेड किया जाएगा। साथ ही निर्माण कार्यों को लेकर अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी सख्ती बरती जाएगी। हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। विपुल गोयल वीरवार को यहां हरियाणा निवास में शहरी स्थानीय निकाय के प्रदेशभर के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे। बैठक में उद्योग और पर्यावरण मंत्री राव नरबीर भी उपस्थित रहे।
मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि प्रदेश के कई बड़े शहरों में कुछ स्थानों पर सीवर ओवरफ्लो होने की शिकायतें मिल रही हैं। इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को बेहतर सुविधाएं देने का कार्य करें। सीवरेज और पेयजल से संबंधित समस्या कहीं पर भी नहीं रहनी चाहिए।
गोयल ने कहा कि कहीं पर भी विभाग की जमीन पर कब्जे नहीं होने चाहिए। यदि किसी जगह पर किसी ने कब्जा किया हुआ है तो उसे हटवाएं। साथ ही विभाग की जमीन का लैंड रिकॉर्ड अपडेट करें। उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इसके लिए हमारे पास संसाधनों और बजट की कोई कमी नहीं है। विभाग से जुड़े कार्यों की निरंतर जिलों में भी समीक्षा करें। जल्द ही वे स्वयं भी प्रत्येक जिले में जाकर कामों की समीक्षा करेंगे। इस अवसर पर विभाग के कमिश्नर एवं सचिव विकास गुप्ता के अलावा वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
हर दिन लोग हमारे काम की करते हैं समीक्षा
गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी वरिष्ठ अधिकारी सप्ताह में एक बार फील्ड में जाकर रिपोर्ट लेना सुनिश्चित करें। इससे अधीनस्थ अधिकारी हमें भ्रमित नहीं कर सकेंगे और हर विषय की अपडेट जानकारी हमारे पास होगी। हम ऐसे विभाग से जुड़े हैं, जिनके काम की लोग प्रतिदिन समीक्षा करते हैं। जब सुबह लोग सैर के लिए निकलते हैं तो रास्तों में सड़कों पर और गलियों में सफाई व्यवस्था देखकर हमारे विभाग की कार्यशैली की समीक्षा करते हैं।
बेसहारा गोवंश गौशालाओं में पहुंचाएं
मंत्री गोयल ने कहा कि शहर और कस्बों में बेसहारा घूमने वाले गोवंशों को पकड़कर नजदीक की गौशालाओं में भेजें। प्रदेश की गौशालाओं का पूरा रिकॉर्ड गौ सेवा आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन उपलब्ध है। किस गौशाला में कितने गोवंश को भेजा जा सकता है, यह जानकारी हमें गौ सेवा आयोग की साइट से मिल जाएगी।