मोहाली के फेज-छह में बनाए जा रहे इंटर स्टेट बस टर्मिनल में हो देरी के मामले को गमाडा ने गंभीरता से लेते हुए कंपनी पर शिकंजा कस दिया है।
गमाडा ने कंपनी को अंतिम वार्निंग नोटिस भेज दिया है। साथ ही ठेका रद्द करने की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं, गमाडा की योजना है कि अब कंपनी से काम वापस लेकर खुद तेजी से इस काम को किया जाए, जिससे लोगों को जल्द ही यह सुविधा दी जा सके।
जानकारी के मुताबिक, गमाडा ने सात साल पहले बस स्टैंड को तैयार करने की जिम्मेदारी दिल्ली की कंपनी सीएंडसी को सौंपी थी। प्रोजेक्ट पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप पीपीपी मोड पर 2009 में शुुरू हुआ था। वहीं, प्रोजेक्ट 2011 में पूरा होना था। लेकिन, पहले पैसे की कमी फिर विधानसभा चुनाव के चलते प्रोजेक्ट में देरी हुई।
इसके बाद कंस्ट्रक्शन मेटेरियल न मिलने से प्रोजेक्ट में देरी होती चली गई। इसके बाद गमाडा द्वारा कंपनी पर जुर्माना तक भी लगाया गया। लेकिन, सात साल में प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो पाया।
बस स्टैंड गमाडा के लिए इज्जत का सवाल बन गया है। ऐसे में अब गमाडा ने कंपनी का ठेका रद्द कर खुद प्रोजेक्ट पर काम करने की तैयारी की है।
गमाडा अधिकारियों की माने तो जल्द ही कंपनी से साइट पर कब्जा ले लिया जाएगा। साथ ही आने वाले छह महीनों में गमाडा खुद प्रोजेक्ट तैयार करेगा।
डिप्टी सीएम का ड्रीम प्रोजेक्ट
यह प्रोजेक्ट डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल का ड्रीम प्रोजेक्ट है। यह उत्तरी भारत का अपनी तरह का पहला इंटरस्टेट बस टर्निमल बनाया जा रहा है। जहां पर पांच सितारा होटल से लेकर तमाम सुविधाएं होंगी। वहीं, बस स्टैंड की छत पर हेलीकाप्टर उतरने की सुविधा भी होगी। इसके अलावा मल्टीप्लेक्स की सुविधा भी रहेगी। वहीं, यह पूरी तरह एसी रहेगा।