शहर के सरकारी स्कूलों में छह साल से कार्यरत करीब 200 कांट्रैक्ट कंप्यूटर टीचर्स और डाटा एंट्री आपरेटर सोमवार को फिर से शिक्षा विभाग के खिलाफ एकजुट हो गए।
कंप्यूटर टीचर्स ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों ने एक हफ्ते के भीतर वेतन बढ़ाने और रेगुलर पॉलिसी तैयार करने का आश्वासन दिया था।
इस मामले में डीपीआई (स्कूल) और डिप्टी डायरेक्टर स्कूल ने लिखित में आश्वासन दिया था। लेकिन दस दिन बीत जाने के बाद भी इस मामले पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर कंप्यूटर टीचर्स काफी नाराज थे।
सोमवार दोपहर बाद 60 के करीब कांट्रैक्ट कंप्यूटर टीचर्स सेक्टर-20 स्थित मस्जिद ग्राउंड में एकजुट हुए। यूटी कैडर इम्पलाइज यूनियन नेता स्वर्ण सिंह कंबोज और चंडीगढ़ कंप्यूटर टीचर्स यूनियन प्रधान पूनम ने शिक्षकों से आगे की रणनीति पर सुझाव मांगे।
शिक्षकों के विरोध को देखते हुए डीपीआई (स्कूल) दफ्तर से कुछ शिक्षकों को बुलाया गया। जानकारी के अनुसार विरोध प्रदर्शन के बाद ही सोमवार को शिक्षा विभाग ने कंप्यूटर टीचर्स का केस तैयार करना शुरू किया है।
अधिकारियों ने कंप्यूटर टीचर्स से पड़ोस के राज्यों में कांट्रैक्ट से रेगुलर किए गए मामलों की पूरी जानकारी भी मंगवाई है।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए उठी मांग
यूटी कैडर एजूकेशनल इम्पलाइज यूनियन ने अब सरकारी स्कूलों में सालों से चुतर्थ श्रेणी कर्मचारियों माली,सफाई कर्मचारी,आया आदि को भी रेगुलर किए जाने और छुट्टियों के पैसे नहीं काटे जाने की मांग की है। कंबोज ने कहा कि इस मामले में संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई के लिए अरजी दी गई है।