पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब युनिवर्सिटी में डॉ. नीरा ग्रोवर को बैकडोर एंट्री से प्रोफेसर लगाने के मामले में कुलपति, रजिस्ट्रार और सिंडीकेट के सदस्यों को अवमानना नोटिस जारी किया है।
आरटीआई कार्यकर्ता डॉ. रजिंदर सिंगला द्वारा दाखिल अवमानना याचिका पर यह नोटिस जारी हुआ है। याचिका में दलील दी गई है कि प्रतिवादियों ने कोर्ट के आदेशों की अवहेलना की है।
याचिका में कहा गया है कि कुलपति प्रो. ग्रोवर की पत्नी डॉ. नीरा ग्रोवर को बैकडोर एंट्री से फिर संगीत विभाग में प्रोफेसर के पद पर नियुक्ति आकस्मिक अस्थायी नियुक्ति की आड़ में की गई है।
गत 4 जनवरी 2014 की बैठक में सिंडीकेट द्वारा इसे अनुमोदित किया गया। याचिका में कहा गया है कि इस बैठक की अध्यक्षता गोपाल कृष्ण ने की थी।
याचिका में कहा गया कि पीयू प्रशासन ने हाईकोर्ट को बताया था कि विश्वविद्यालय ने डॉ. नीरा ग्रोवर की एक्सटेंशन को सिंडीकेट ने खारिज कर दिया है और उनका कार्यकाल पिछले साल 16 दिसंबर को पूरा हो चुका है।
इसके बावजूद 4 जनवरी को सिंडीकेट की बैठक में डॉ. नीरा ग्रोवर को बैकडोर एंट्री से फिर संगीत विभाग में प्रोफेसर के पद पर नियुक्त करने की सहमति प्रदान कर दी गई।