प्रश्न- मैने पोहा का एक पैकेट खरीदा। इसको मैने ठीक वैसे ही बनाया जैसे कि पोहे के पैकेट के पीछे लिखा था। जब इसको खाया तो यह बासी और बेस्वाद लगा। मैने बाजार गई और दूसरा पैकेट खरीदा तो दूसरा पैकेट भी खराब रहा।
मैने पैकेट का बैच नंबर भी नोट किया और इसके बारे में शिकायत की। मेरी शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। मुझको कहा गया कि मैं ठीक से खाना नहीं पकाती। क्या मैं इस मामले में कंपनी से कंपनी से राहत मांग सकती हूं?
सोनिया चावला, बठिंडा
उत्तर- सोनिया जी, आप पोहा का पैकेट अपने पास रख लें और इसका सैंपल कंपनी में भेज दें। यदि कंपनी आपको रिस्पांस देती है तो ठीक है नहीं तो आपके लिए कंज्यूमर फोरम के दरवाजे खुले हैं। इस मामले में कंपनी डिफेक्ट गुड्स के लिए उत्तरदायी है।
प्रश्न- मैने तीन कंपनियों से आठ पालिसी पांच लाख रुपये में खरीदी। मैने इसमें पाया कि किसी भी एजेंट ने मुझको पालिसी के नियम और शर्ते ठीक से नहीं बताए। मुझको अंधेरे में रखा गया। मुझको धोखा मिला। मैं अपनी पैसा वापस चाहता हूं।
सिद्धांत गर्ग, पंचकूला
उत्तर- प्रिय सिद्धांत, यह मामला पूरी तरह से अनफेयर ट्रेड प्रेक्टिस का है। ऐसे ही कई मामले कई एजेंसियां करती हैं। ऐसी स्थिति में कंपनी को रुपये वापस करना चाहिए। आपके पास सारे डाक्यूमेंट होने चाहिए।
प्रश्न- मैं अपना टेलीफोन नंबर 14 साल से उपयोग कर रहा हूं। पिछले महीने तक यह सही चल रहा था। जब मैं आस्ट्रेलिया से लौट कर आया तो मैने पाया कि मेरे नंबर ने काम करना बंद कर दिया।
मैने कंपनी से संपर्क किया और यह सुनकर हैरान रह गया कि यह नंबर किसी दूसरे को दे दिया गया। मैने कंपनी से अपने नंबर को दोबारा वापस लेने के लिए कहा। मैने कंपनी को रिएक्टिवेशन के लिए 1200 रुपये भी दिए। अब तक इस मामले में कोई एक्शन नहीं लिया गया।
निधान सिंह जौहल, चंडीगढ़
उत्तर-मिस्टर निधान, आप इस मामले में कंपनी को अपनी शिकायत लिखित रूप से दीजिए। उनसे आरटीआई के अंतर्गत जानकारी लीजिए। यह आपका अधिकार है। आपका नंबर बिना आपकी इजाजत के बंद कैसे किया गया यह जानकारी आपको अवश्य चाहिए।