घर से बाहर खड़ी गाड़ी चोरी हो गई। उपभोक्ता ने सभी दस्तावेज जमा कराए लेकिन बीमा क्लेम न देने पर फोरम ने बीमा कंपनी के खिलाफ फैसला सुनाया। फोरम ने बीमा कंपनी को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को सात लाख 77 हजार एक सौ रुपये बीमा क्लेम अदा करे।
यह राशि पर नौ प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज भी देना होगा। सेवा में कोताही और मानसिक प्रताड़ना के लिए 25 हजार रुपये मुआवजा और 10 हजार रुपये मुकदमा खर्च देने का भी निर्देश दिया है। यह फैसला जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-2 के अध्यक्ष राजन देवान और सदस्य जसविंदर सिंह सिद्धू ने सुनाया है।
शिकायतकर्ता अंशिता चौधरी निवासी सेक्टर-7 चंडीगढ़ ने सेक्टर-17 स्थित फ्यूचर जनरली टोटल इंश्योरेंस सॉल्यूशन और क्नॉट प्लेस नई दिल्ली के क्लेम मैनेजर प्रदीप के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी।
शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता फोरम को बताया कि उन्होंने अपनी रेनॉल्ट डस्टर का बीमा उक्त कंपनी से कराया। इसकी अवधि 25 सितंबर 2014 से 24 सितंबर 2015 तक थी। उन्होंने फोरम को शिकायत में बताया कि उनका वाहन उनके घर के बाहर से आठ और नौ जनवरी 2015 की रात को चोरी हो गया था।
इस संबंध में उन्होंने सेक्टर-26 के पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई। बीमा कंपनी को भी इसकी सूचना दी। पुलिस की ओर से जारी किया गया अनट्रेस सर्टिफिकेट भी बीमा कंपनी को दिया। लेकिन बीमा कंपनी ने उनका क्लेम रद्द कर दिया।