अगर आप किसी ट्रैवल एजेंसी के जरिए यूरोप या किसी और देश के टूर पर जाने का प्लान बना रहे हैं, तो अलर्ट रहें। वरना इनकी तरह कई दिक्कतें उठाएंगे। मामला चंडीगढ़ का है। शादी के बाद विवाहित जोड़े ने यूरोप घूमने का प्लान बनाया। पहले तो टूर एंड ट्रैवल्स कंपनी ने टिकट समय पर नहीं दिया, और वे हनीमून के लिए लेट हो गए।। इसके बाद ट्रैवल्स कंपनी ने यूरोप की टिकट थमा दी।
यूरोप पहुंचने के बाद इस विवाहित जोड़े को टूर एंड ट्रैवल्स की ओर से दी जानी वाली सेवाएं भी नहीं दी गई, जिसके चलते विवाहित जोड़े को यूरोप के आधे टूर से ही इंडिया वापस लौटना पड़ा। इतना ही नहीं वापसी का टिकट खर्च भी इस जोड़े को खुद उठ। मामले की सुनवाई करते हुए उपभोक्ता फोरम ने संबंधित ट्रेवल कंपनी को निर्देश दिए हैं कि वह 10 में से चार दिन का टूअर पैकेज काटकर 1.71 लाख रुपये शिकायतकर्ता को लौटाए।
साथ ही मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के लिए 50 हजार रुपये मुआवजा और 10 हजार रुपये मुकदमा खर्च शिकायतकर्ता को अदा करें। आदेश की प्रति मिलने पर 30 दिन के अंदर निर्देश का पालन करना होगा। यह निर्देश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-1 ने सुनवाई के बाद दिया है।
जीरकपुर के माया गार्डन फेज-1 के रहने वाले कमल गुप्ता और मीनाक्षी गुप्ता ने फोरम में एमएस जिंगा ट्रैवल्स सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, सेक्टर-27डी चंडीगढ़, सुधीर गुप्ता, डायरेक्टर, एमएस जिंगा ट्रेवल्स सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड सेक्टर-27डी और गुरनीत सिंह राय, एमएस जिंगा ट्रैवल्स सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, सेक्टर-27डी चंडीगढ़ के खिलाफ शिकायत दी थी।
मई 2016 के चौथे हफ्ते में यूरोप घूमने का प्लान था
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शिकायतकर्ता कमल गुप्ता ने अपनी पत्नी के साथ मई 2016 के चौथे हफ्ते में यूरोप घूमने का प्लान बनाया। इसके लिए कमल गुप्ता ने उक्त ट्रैवल्स कंपनी से यूरोप घूमने का टूर पैकेज बुक कराया। 9 रात व 10 दिन के यूरोप के टूर पैकेज के लिए कमल गुप्ता ने टूर एंड ट्रैवल्स कंपनी को 22 अप्रैल 2016 को एक लाख रुपए चेक के जरिए दिए, ताकि यूरोप जाने के लिए कंपनी वीजा और अन्य डाक्यूमेंटेशन पूरी कर ले।
कमल गुप्ता ने 26 अप्रैल 2016 को कंपनी को 50 हजार रुपये दिए और कंपनी में अपना व अपनी पत्नी का पासपोर्ट जमा कराया, ताकि यूरोप की टिकट व अन्य दस्तावेज पूरे हो जाएं और बुकिंग हो सके, लेकिन कंपनी की ओर से देरी किए जाने के चलते कमल गुप्ता अपनी पत्नी के साथ मई में यूरोप घूमने नहीं जा सके। करीब 15 दिन बाद कंपनी ने 16 जून 2016 को विवाहित जोड़े को टिकट उपलब्ध करवाया।
17 जून 2016 को कमल गुप्ता और उनकी पत्नी मीनाक्षी गुप्ता यूरोप पहुंचे। यूरोप पहुंचने के बाद इस विवाहित जोड़े को बुकिंग के समय तय की सेवाएं नहीं दी गई। उन्हें मील वाउचर, लोकल साइट सीन पास, ट्रांसफर टिकट और शहर में घूमने के समय गाइड की सुविधा तक उपलब्ध नहीं कराई गई। बार-बार परेशान होने के चलते कमल गुप्ता अपनी पत्नी के साथ 21 जून 2016 को यूरोप से इंडिया वापस आ गए।
यहां तक कि इंडिया वापस आने के लिए उन्हें रिटर्न टिकट तक नहीं दी गई, जिसके चलते उन्हें अपनी जेब से रिटर्न टिकट का खर्च उठाना पड़ा। कमल गुप्ता ने इंडिया लौटकर 19 जुलाई 2016 को टूर एंड ट्रैवल्स कंपनी के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दायर की। दूसरे पक्ष ने फोरम में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने सेवा में कोई कोताही नहीं बरती।