संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। लोन की अगली किस्त जमा करने की तारीख से पहले ग्राहक का बचत खाता फ्रीज करना बैंक को भारी पड़ा। राज्य उपभोक्ता आयोग ने बैंक की इस कार्रवाई को अनुचित ठहराया और 1 लाख रुपये मुआवजा व 20 हजार रुपये मुकदमे का खर्च देने का आदेश दिया।
बैंक ने 2 जनवरी 2022 को देय अगली किस्त से पहले ही 29 दिसंबर 2021 को खाता फ्रीज कर दिया। जबकि 28 दिसंबर को उसने लोन रिकॉल नोटिस देकर 7 दिन की मोहलत दी थी। आयोग ने कहा कि मोहलत के बाद तुरंत खाता फ्रीज करना उचित नहीं था। बैंक उपलब्ध राशि से किस्तें समायोजित कर सकता था। आयोग ने 2 सितंबर 2026 के फैसले में बैंक को 30 दिन के भीतर भुगतान करने को कहा। देरी होने पर 9 फीसदी सालाना ब्याज देना होगा।