चंडीगढ़। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लोन का लाभ न मिलने पर उपभोक्ता आयोग ने बैंक को एक लाख रुपये का हर्जाना लगाया है। मोहाली के नयागांव के रहने वाले ओमप्रकाश और आभा डोबरियाल ने उपभोक्ता आयोग में बैंक ऑफ बड़ौदा के खिलाफ होम लोन को लेकर याचिका दायर की थी।
याचिकाकर्ता ने बैंक से 8 अक्तूबर 2018 को 50 लाख रुपये का हाउसिंग लोन लिया। शिकायतकर्ता ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभ लेने के उद्देश्य से बैंक में संबंधित सभी दस्तावेज जमा किए। इसके बाद शिकायतकर्ता को अगस्त 2020 में मोबाइल फोन पर एक मैसेज के जरिये पता चला कि उसकी एप्लीकेशन आईडी जनरेट की जा चुकी है। इसके साथ याचिकाकर्ता को जनरेट एप्लीकेशन आईडी नंबर को स्थिति के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए अपने पास बनाए रखने की सलाह दी गई। याचिकाकर्ता के मुताबिक उसने काफी समय तक इंतजार किया, लेकिन उसे न तो कोई लाभ मिला और न ही कोई जवाब मिला। इसके बाद भी याचिकाकर्ता ने कई ईमेल और रिमाइंडर भेजे, लेकिन उसका भी कोई फायदा नहीं हुआ। बैंक की ओर से सही से सेवा और सुविधा न दिए जाने के चलते याचिकाकर्ता को वित्तीय नुकसान हुआ साथ ही वह मानसिक रूप से परेशान रहा। वहीं मामले में बैंक की ओर से कहा गया कि शिकायतकर्ता उपभोक्ता ने कभी भी उनसे खुद को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत रजिस्टर करने के लिए नहीं कहा। साथ ही शिकायतकर्ता ने योजना का लाभ लेने के लिए बैंक के पास किसी प्रकार के संबंधित दस्तावेज नहीं जमा किए थे। मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद उपभोक्ता आयोग ने बैंक ऑफ बड़ौदा को याचिकाकर्ता को एक लाख रुपये बतौर मुआवजा और 15 हजार रुपये के खर्च के तौर पर अदा करने के आदेश दिए हैं।