इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट अपने कंस्ट्रक्शन वर्क में ड्राई फ्लाई ऐश की ईंटों का इस्तेमाल करेगा। खासकर बिल्डिंग बनाने में इनका इस्तेमाल सबसे ज्यादा किया जाएगा।
यह फैसला शुक्रवार को यूटी सचिवालय में हुई इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की मीटिंग में ग्रीन बिल्डिंग कांसेप्ट को बढ़ावा देने के लिए लिया गया। मीटिंग में डिपार्टमेंट के उच्चाधिकारियों से लेकर एसडीओ, जेई तक स्टाफ ने हिस्सा लिया।
चंडीगढ़ में ड्राई फ्लाई ऐश से पहले ही कई बिल्डिंग बनाई जा रही हैं। बता दें कि प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने सिटी ब्यूटीफुल को ग्रीन सिटी बनाने के आदेश दिए हैं।
यूरोपियन ग्रीन सिटी ब्रिस्टल के कांसेप्ट को स्टडी कर कुछ दिन पहले ही होम सेक्रेटरी अनुराग अग्रवाल और टूरिज्म डायरेक्टर जितेंद्र यादव लौटे हैं। प्रशासक ने ही अधिकारियों को ब्रिस्टल भेजा था। ब्रिस्टल सिटी की कई अच्छी चीजों को चंडीगढ़ में अपनाने का काम शुरू किया गया है। कार पुलिंग भी उनमें से एक है।