हरियाणा सरकार और सरकारी डॉक्टरों में मांगों को लेकर चल रहा विवाद सुलझता नजर आ रहा है। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. जी अनुपमा और महानिदेशक डॉ. आरएस पूनिया के साथ हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (एचसीएमएस) ने बैठक की।
ढाई घंटे तक चली बैठक में दो और मांगों पर सहमति बन गई। अब पीजी (पोस्ट ग्रेजुएट) करते समय डॉक्टरों को एक करोड़ के बजाय पहले की तरह ही 50 लाख रुपये का बॉन्ड भरना होगा। वहीं, सरकार सीधे तौर पर एसएमओ (सीनियर मेडिकल आफिसर) की भर्ती नहीं करेगी। पदोन्नति के माध्यम से इन पदों को भरा जाएगा। अभी दो और मांगों पर पेंच फंसा है, इनके लिए इसी सप्ताह स्वास्थ्य मंत्री और वित्त विभाग के एसीएस के साथ बैठक होगी।
शाम साढ़े छह बजे खत्म हुई बैठक के बाद एसोसिएशन के राज्य प्रधान डॉ. राजेश ख्यालिया ने बताया कि विशेष काडर के लिए सरकार पहले ही मंजूरी दे चुकी है। अब स्वास्थ्य मंत्री के साथ विभाग बैठक कराएगा, इसमें चार एसीपी देने और सेवा के दौरान पीजी करने जाने वाले डॉक्टरों की वरिष्ठता बरकरार रखने की मांगों पर चर्चा होनी है। ये दोनों ही मामले वित्त विभाग से जुड़ हुए हैं। इसलिए मंत्री के साथ होने वाली बैठक में वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव भी मौजूद रहेंगे। गौर हो कि इससे पहले डॉक्टर एक दिन ओपीडी और एक दिन आपात सेवाएं बंद कर हड़ताल कर चुके हैं।
सरकार के साथ सकारात्मक बैठकें चल रही हैं। एसीएस ने हमें आश्वासन दिया गया है कि शेष मांगों पर भी सकारात्मक विचार किया जाएगा। आगामी दो से तीन दिन में स्वास्थ्य मंत्री के साथ बैठक होगी, क्योंकि दोनों मामले वित्त विभाग से संबंधित हैं, इसलिए एसीएस वित्त विभाग भी बैठक में मौजूद रहेंगे। बैठक के बाद ही आगामी रणनीति का फैसला लिया जाएगा। -डॉ. राजेश ख्यालिया, राज्य प्रधान, एचसीएमएस।