इसलिए आप ने जारी की प्रत्याशियों की सूची
आप प्रदेशाध्यक्ष सुशील गुप्ता ने सोमवार सुबह कांग्रेस को अल्टीमेटम दिया कि गठबंधन पर आलाकमान से अगर कोई सूचना नहीं मिली तो पार्टी शाम तक प्रत्याशियों की सूची जारी कर देगी। आप नेताओं का मानना है कि वह पिछले कई महीनों से राज्य में तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कई नेताओं को विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए तैयार भी किया है। मगर कांग्रेस गठबंधन को लेकर गंभीर नहीं दिखा रही है। गठबंधन तय नहीं होने से आप के उम्मीदवारों में बेचैनी थी, क्योंकि नामांकन की आखिरी तारीख नजदीक आ गई है। वह भी लगातार पार्टी पर दबाव बना रहे थे। सूची जारी होने के बाद आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि कि गठबंधन होता नजर नहीं आ रहा है। आप राष्ट्रीय दल है और हरियाणा में पार्टी का जनाधार मजबूत है। सभी सीटों पर आप की तैयारी पूरी है।
हरियाणा कांग्रेस के नेता नहीं चाहते थे गठबंधन
भले ही राहुल गांधी ने राष्ट्रीय राजनीति को देखकर गठबंधन के संकेत दिए हों, मगर हरियाणा कांग्रेस के नेता शुरू से इस गठबंधन के खिलाफ थे। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बाद कांग्रेस नेता रणजीत सुरजेवाला और अजय यादव ने भी आप से गठबंधन नहीं करने की बात कही थी। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि आप को पांच से छह सीटें भी दीं तो नुकसान कांग्रेस को ही होना था। राज्य में माहौल कांग्रेस के पक्ष में है।
इन 20 सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए
कलायत से अनुराग ढांडा, नारायणगढ़ से गुरपाल सिंह, पूंडरी से नरेंद्र शर्मा, घरौंडा से जयपाल शर्मा, असंध से अमनदीप जुंडला, समालखा से बिट्टू पहलवान, उचाना कलां से पवन फौजी, डबवाली से कुलदीप गदराना, रानिया से हैप्पी रानिया, भिवानी से इंदु शर्मा, महम से विकास नेहरा, रोहतक से बिजेंद्र हुड्डा, बहादुरगढ़ से कुलदीप छिक्कारा, बादली से रणबीर गुलिया, बेरी से सोनू अहलावत शेरिया, महेंद्रगढ़ से डॉ. मनीष यादव, नारनौल से रविंद्र मटरू, बादशाहपुर से वीर सिंह सरपंच, सोहना से धर्मेंद्र खटाना और बल्लभगढ़ से रविंद्र फौजदार को चुनावी मैदान में उतारा है।
इन 11 सीटों पर कांग्रेस घोषित कर चुकी है उम्मीदवार
उचाना कलां, बादशाहपुर, नारायणगढ़, समालखा, डबवाली, रोहतक, बहादुरगढ़, बादली, बेरी, महेंद्रगढ़ और महम सीट।