नगर निगम ने पानी के बड़े डिफाल्टरों पर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। डिफाल्टरों की ओर करीब 10 करोड़ का बिल बकाया है।
कई बड़ी कंपनियों के अलावा सरकारी विभागों ने भी यह बिल नहीं भरा है। नगर निगम ने अपने अधिकारियों को सख्ती से पेश आने के निर्देश दिए हैं।
मेयर और कमिश्नर ने अधिकारियों को कड़ा रुख अपनाने के निर्देश दे दिए हैं।
पानी का बिल न भरने वाले डिफाल्टर
बिल न भरने वाले डिफाल्टरों के नाम----डिफाल्ट राशि रुपये में
इंडियन हयूम पाइप-------------------46,49,018 रुपये
मेसर्स पंज संस----------------------46,31,013 रुपये
मेसर्स डेकोर स्टील-------------------46,28,871 रुपये
मेसर्स मिराज इंफ्रा लिमिटेड------------43,39,118 रुपये
मोती राम प्रेमचंद---------------------35,17,651 रुपये
पंजाब सरकार पुलिस बैरक गेट-1-------5,58,417 रुपये
पंजाब सरकार पुलिस बैरक गेट-1-------5,32,567 रुपये
हॉर्टिकल्चर डिवीजन-2 शांतिकुंज-------86,67,500 रुपये
हॉर्टिकल्चर डिवीजन-2 ट्यूबवेल--------26,54,350 रुपये
एक्सईएन हॉर्टिकल्चर डिवीजन-2-------15,96,815 रुपये
रजिस्ट्रार पंजाब यूनिवर्सिटी--------------9,87,506 रुपये
एसडीओ बिजली ग्रिड स्टेशन------------9,01,402 रुपये
जवाहर नवोदय विद्यालय---------------8,52,316 रुपये
पंजाब बीडब्ल्यूडी बीएंडआर------------7,96,410 रुपये
एसडीओ बिजली ग्रिड स्टेशन-----------5,93,377 रुपये
मेयर चंडीगढ़ नगर निगम के मेयर सुभाष चावला ने बताया कि पानी के बकाया बिल के डिफाल्टरों को पानी का कनेक्शन काटा जाएगा। इसके लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए जा चुके हैं। किसी भी प्रकार की रियायत नहीं मिलेगी। सरकारी विभागों को भी समझ लेना चाहिए कि उन्हें भी समय पर पानी के बिल जमा करा दें। सरकारी हो या प्राइवेट बड़ा या छोटा नियम सबके लिए बराबर है।