कांग्रेस का आरोप-राजस्थान ने हरियाणा का पानी रोका, तो हम उन्हें पानी क्यों दें, हरियाणा का पानी हरियाणा की जनता को मिलना चाहिए
सीएम का जवाब-बाढ़ के पानी को कोई लेना चाहता है तो आपत्ति क्यों, राजस्थान को बारिश के दिनों का सिर्फ अतिरिक्त पानी दिया जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। राजस्थान को पानी देने को लेकर हुए करार पर बुधवार को विधानसभा में खूब हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायकों ने इसे हरियाणा व किसान विरोधी बताया और करार को रद्द करने की मांग की। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस के विधायकों ने दो बार वॉकआउट किया। जब दूसरी बार वॉकआउट किया तो कांग्रेस के विधायक सदन में लौटे ही नहीं। सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि बाढ़ के पानी से किसानों को नुकसान होता है। यदि इस पानी को कोई प्रदेश लेना चाहता है तो इसमें आपत्ति क्या है। राजस्थान के लोगों की मांग थी कि उन्हें पश्चिमी यमुना कैनाल में 18 हजार क्यूसिक वाले हेड से कनेक्शन दिया जाए, लेकिन अपने राज्य के हित को देखते हुए इसे मना कर दिया। उन्होंने कहा-उन्हें पानी तभी मिलेगा, जब पश्चिमी यमुना कैनाल में पानी का स्तर 24 हजार क्यूसिक से ऊपर होगा। मानसून में कुछ ही दिन पानी का स्तर 24 हजार क्यूसिक से ऊपर होता है। वहीं पानी राजस्थान भेजा जाएगा। इससे प्रदेश को किसी तरह का कोई नुकसान नहीं होगा। कांग्रेस नेता रघुबीर सिंह कादियान ने कहा-राजस्थान से तीन नदियों का पानी हरियाणा आता था, मगर राजस्थान की सरकार ने 16 डैम बनाकर पूरा पानी रोक लिया और हम उन्हें पानी दे रहे हैं। उन्होंने कहा, कांग्रेस को यमुना के पानी को भिवानी, महेंद्रगढ़, दादरी व हिसार देने में कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन राजस्थान को किसी सूरत में पानी नहीं देने देंगे। किरण चौधरी ने कहा-हरियाणा के कई हिस्सों में पानी की कमी है। पानी के मुद्दे पर राजस्थान ने हमेशा हरियाणा का विरोध किया है। राजस्थान से महेंद्रगढ़ को पानी मिलता था, उस पर भी राजस्थान ने डैम बना दिया। जब राजस्थान हर जगह विरोध करता है, तो उनका साथ क्यों दिया जा रहा है। हरियाणा का पानी हरियाणा को ही मिलना चाहिए। इस दौरान किरण और कृषि मंत्री जेपी दलाल के बीच भी खींचतान हुई। उन्होंने कहा कृषि मंत्री किसानों का खूब मखोल उड़ाते हैं। किसानों की शहादत पर व उनके परिवारों पर टिप्पणी करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा-राजस्थान को सिर्फ बारिश का अतिरिक्त पानी देने का करार हुआ है। जब पांच राज्यों के बीच जल समझौता हुआ तो उस दौरान यमुना की क्षमता 13 हजार क्यूसिक की थी। उसे बढ़ाकर पहले 18 हजार किया और और अब 24 हजार क्यूसिक कर दिया गया। पुराने समझौते के हिसाब से 13 हजार क्सूसिक के बाद का पानी देने का करार हुआ था, मगर सरकार ने हरियाणा के हित को देखते हुए करार में स्पष्ट किया गया है कि जब पानी का स्तर 24 हजार क्यूसिक से ऊपर होगा, तभी उन्हें पानी मिलेगा। कहा-दक्षिण हरियाणा के जिलों में पानी की आपूर्ति से भी अब कांग्रेसियों को परेशानी आ रही है।
पंजाब के मुख्यमंत्री मान पर भी कसा तंज
विपक्षियों को जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा- हम पंजाब की तरह नहीं है। बाढ़ के दिनों में पंजाब के मुख्यमंत्री कहते हैं कि अब हरियाणा वाले पानी ले लें। उन्होंने कहा, हमें कोई परहेज नहीं है, मगर पानी तभी ले पाएंगे जब हमारे पास एसवाईएल जैसी कोई नहर होगी। यदि नहर होती तो पानी लेने में कोई दिक्कत नहीं होती।
कांग्रेस के वॉकआउट पर चिरंजीव राव बैठे रहे
लंच से पहले कांग्रेस ने जब वॉकआउट किया तो सभी विधायक सदन से बाहर चले गए, मगर कांग्रेस से रेवाड़ी के विधायक चिरंजीव राव बैठे रहे। वह बाहर नहीं गए। इसको लेकर काफी चर्चांए चलती रहीं। हालांकि दूसरे वॉकआउट में वह चले गए थे।