हुड्डा ने भाजपा व जजपा को न केवल अपने कद का अहसास कराया, बल्कि यह भी संदेश दे दिया कि प्रदेश की राजनीति में उन्हें कमतर नहीं आंका जा सकता। इंदुराज की जीत ने भविष्य की राजनीति के भी संकेत दिए हैं। इससे आगामी समय में सियासी समीकरण बदल सकते हैं।
अपने 15 साल पुराने कार्यकर्ता को जीत दिलवाने के लिए दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपनी साख को दांव पर लगा दी थी, जबकि उन्हें पता था कि वह इस लड़ाई में चारों तरफ से घिरे हुए हैं। उन्होंने किसान की बात की, हरियाणा के विकास में पिछड़ने की बात कही, खुद के कार्यकाल में हुए कामों के नाम पर वोट मांगा, जबकि दूसरी तरफ भाजपा और जजपा का सारा फोकस हुड्डा परिवार पर निजी हमले करने पर रहा।
जनता ने बरोदा में नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिया फैसला : सैलजा
हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कहा कि बरोदा में कांग्रेस की जीत हरियाणा की जनता की जीत है। यह किसानों के खिलाफ बनाए गए नए कृषि कानूनों के खिलाफ हरियाणा की जनता का फैसला है। चुनाव जीतने के तमाम हथकंडे आजमाने के बावजूद सरकार को हार का मुंह देखना पड़ा।
उन्होंने कहा कि यह साफ संदेश है कि जनता ने उन्हें नकार दिया है। इस जीत के लिए बरोदा की जनता का धन्यवाद है। राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी का धन्यवाद, जिनके नेतृत्व में कांग्रेस ने जीत हासिल की। बरोदा की जनता ने दिखा दिया है कि उन्हें न तो केंद्र की मोदी सरकार के अनुचित फैसले मंजूर हैं और न ही प्रदेश में भाजपा-जजपा की सरकार की जन विरोधी कार्यप्रणाली। नए कानूनों की पैरवी करने वाली हरियाणा की भाजपा-जजपा सरकार के लिए चुनाव नतीजा आइना दिखाने वाला है।