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हुड्डा ने बरोदा में बराबर किया सोनीपत-रोहतक की हार का हिसाब, सैलजा ने भाजपा-जजपा को घेरा

Wed, 11 Nov 2020 01:08 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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भूपेंद्र सिंह हुड्डा, दीपेंद्र हुड्डा, कुमारी सैलजा। - फोटो : फाइल फोटो
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बरोदा उपचुनाव में जीत दर्जकर कांग्रेस ने एक तीर से कई निशाने साधे हैं। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा व दीपेंद्र हुड्डा जहां राजनीतिक तौर पर मजबूत हुए, वहीं लोकसभा चुनाव में रोहतक और सोनीपत में मिली हार का हिसाब भी भाजपा से बराबर कर लिया।

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जाटलैंड सोनीपत को हुड्डा का गढ़ यूं ही नहीं माना जाता। हुड्डा पिता-पुत्र ने इस उपचुनाव में यह साबित कर दिया। उपचुनाव की घोषणा के साथ ही उन्होंने इस सीट पर जीत को नाक का सवाल बना लिया था। इंदुराज को जीत दिलाने के लिए दोनों ने मिलकर बिसात बिछाई व दिन-रात मेहनत करने में जुट गए। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा, हुड्डा खेमे के सभी विधायकों, नेताओं व प्रदेश प्रभारी विवेक बंसल ने भी प्रचार में ताकत झोंकी। लेकिन चुनाव सीधा हुड्डा की साख से जुड़ा था।

भूपेंद्र हुड्डा व दीपेंद्र हुड्डा ने निर्दलीय प्रत्याशियों कूपर नरवाल व जोगेंद्र मोर का नामांकन वापस करवाकर न केवल गठबंधन दलों को झटका दिया था, बल्कि विरोध की बड़ी जमीन तैयार होने से पहले ही खत्म कर दी थी। नरवाल व मोर के चुनाव न लड़ने का सीधा फायदा कांग्रेस को हुआ। भाजपा विरोधी वोट कांग्रेस के पास सीधे आए। जजपा प्रत्याशी को 2019 विधानसभा चुनाव में मिले मतों में भी कांग्रेस ने सेंध लगाई। जिससे भाजपा प्रत्याशी की हार का अंतर बड़ा हो गया।

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हुड्डा ने भाजपा व जजपा को न केवल अपने कद का अहसास कराया, बल्कि यह भी संदेश दे दिया कि प्रदेश की राजनीति में उन्हें कमतर नहीं आंका जा सकता। इंदुराज की जीत ने भविष्य की राजनीति के भी संकेत दिए हैं। इससे आगामी समय में सियासी समीकरण बदल सकते हैं। 

अपने 15 साल पुराने कार्यकर्ता को जीत दिलवाने के लिए दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपनी साख को दांव पर लगा दी थी, जबकि उन्हें पता था कि वह इस लड़ाई में चारों तरफ से घिरे हुए हैं। उन्होंने किसान की बात की, हरियाणा के विकास में पिछड़ने की बात कही, खुद के कार्यकाल में हुए कामों के नाम पर वोट मांगा, जबकि दूसरी तरफ भाजपा और जजपा का सारा फोकस हुड्डा परिवार पर निजी हमले करने पर रहा।

जनता ने बरोदा में नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिया फैसला : सैलजा
हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कहा कि बरोदा में कांग्रेस की जीत हरियाणा की जनता की जीत है। यह किसानों के खिलाफ बनाए गए नए कृषि कानूनों के खिलाफ हरियाणा की जनता का फैसला है। चुनाव जीतने के तमाम हथकंडे आजमाने के बावजूद सरकार को हार का मुंह देखना पड़ा। 

उन्होंने कहा कि यह साफ संदेश है कि जनता ने उन्हें नकार दिया है। इस जीत के लिए बरोदा की जनता का धन्यवाद है। राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी का धन्यवाद, जिनके नेतृत्व में कांग्रेस ने जीत हासिल की। बरोदा की जनता ने दिखा दिया है कि उन्हें न तो केंद्र की मोदी सरकार के अनुचित फैसले मंजूर हैं और न ही प्रदेश में भाजपा-जजपा की सरकार की जन विरोधी कार्यप्रणाली। नए कानूनों की पैरवी करने वाली हरियाणा की भाजपा-जजपा सरकार के लिए चुनाव नतीजा आइना दिखाने वाला है। 
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