नगर निगम की ओर से सेक्टर-36 के गार्डन में वीरवार को लोहड़ी का पर्व पर मनाने पर राजनीति शुरू हो गई है। मेयर चुनाव हारने के बाद कांग्रेस ने इस पर्व को धूमधाम से मनाए जाने पर भाजपा पर सवाल उठाया है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पंजाब के पूर्व राज्यपाल एवं शहर के प्रशासक ले. जनरल जेएफआर जैकब का एक दिन पहले ही निधन हुआ था, इसके बावजूद मेयर और पार्षदों ने डांस कर लोहड़ी का पर्व मनाया। जबकि जनरल जैकब की शहर को दी गई सेवाओं को याद करते हुए सभी कार्यक्रम रद्द कर देने चाहिए थे। जबकि भाजपा का कहना है कि लोहड़ी का कार्यक्रम एक धार्मिक फेस्टिवल है।
पूर्व मेयर एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुभाष चावला का कहना है कि सत्ता के नशे में भाजपा भूल गई है कि जनरल जैकब सिर्फ शहर के प्रशासक नहीं थे बल्कि बांग्लादेश की लड़ाई के हीरो भी थे। जैकब का देश के साथ साथ शहर के विकास में भी अहम भूमिका रही है। ऐसे में अगर एक दिन का शोक घोषित कर दिया जाता तो चंडीगढ़ का कोई बड़ा नुकसान न होता। इसके विपरीत डांस की तस्वीरे फेसबुक पर पोस्ट की जा रही हैं। चावला का कहना है कि अगर कोई प्रदेश का पूर्व मुख्यमंत्री एवं मंत्री का निधन हो जाए तो तुरंत छुट्टी कर दी जाती है।
मेयर अरुण सूद का कहना है कि लोहड़ी एक धार्मिक फेस्टिवल है उनका कहना है कि लोहड़ी मनाकर नगर निगम ने गलत नहीं किया है। उनका कहना है कि कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है।
असल बात यह है कि कांग्रेस भाजपा की जीत और अपनी हार को बर्दाश नहीं कर पा रही है। उनका कहना है कि कांग्रेस हार के कारण बौखला गई है। पूर्व मेयर राज बाला मलिक का कहना है कि कांग्रेस पार्टी के पार्षद और नेता हार के कारण बौखला गए है। कांग्रेस को इतनी छोटी राजनीति नहीं करनी चाहिए।
भाजपा पार्षद सतीश कैंथ का कहना है कि लोहड़ी एक सामाजिक पर्व है। जिससे भाई चारा बढ़ता है। उनका कहना है कि जैकब के निधन का पूरे शहर को दुख है। उनका शहर के प्रति किए गए कार्यो को हमेशा याद रखा जाएगा।