पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुनील जाखड़।
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पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने अनाज खरीद के बकाया के निपटारे (सीसीएल) को लेकर प्रदेश में 31000 करोड़ रुपये का कर्ज चढ़ाने को अकाली-भाजपा सरकार द्वारा सूबे से धोखा करार दिया है। उन्होंने कहा कि दरअसल केंद्र सरकार तो केवल 13000 करोड़ रुपये में ही इस केस का निपटारा करने को तैयार थी लेकिन अकाली-भाजपा सरकार ने इसे 31000 करोड़ रुपये के कर्ज के रूप में पंजाब के खजाने पर डाल दिया।
पंजाब भवन में गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान केंद्र सरकार की एक रिपोर्ट की प्रतियां मीडिया को जारी करते हुए जाखड़ ने पंजाब के तत्कालीन वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों के सामने उन्हें सच रखते हुए वे कारण भी बताने चाहिए जिनकी वजह से पंजाब के भविष्य को दांव पर लगा दिया गया।
यह सही समय है जब ढींढसा अपने किए पाप को धो सकते हैं और उन ताकतों को बेनकाब कर सकते हैं, जिन्होंने केंद्र सरकार द्वारा 13000 रुपये में केस का निपटारा करने की सहमति के बावजूद पंजाब पर 31000 करोड़ का कर्ज चढ़ाया। ढींढसा को इस मामले में भाजपा की भूमिका भी उजागर करनी चाहिए।
जाखड़ ने कहा कि इस वित्तीय घोटाले में तत्कालीन वित्त मंत्री ढींढसा भी शामिल थे। जाखड़ ने ढींढसा से कहा कि अच्छा होगा अगर वे पूरा सच पंजाबियों के सामने लाकर अपनी गलतियों की माफी मांगे। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास भी एक मौका है कि वह अपना पक्ष सामने रखे और इस सारे घोटाले में अकाली दल, ढींढसा और अपनी भूमिका बताएं।