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कांग्रेस की मॉक असेंबली, सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास

Thu, 15 Sep 2016 04:38 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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विधानसभा गैलरी में पंजाब कांग्रेस विधायकों की मॉक असेंबली - फोटो : अमर उजाला
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पंजाब विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेसियों ने गैलरी में मॉक असेंबली चलाई और सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास किया। साथ ही सीएम प्रकाश सिंह बादल से इस्तीफे की मांग की गई। इस बीच सीएम बादल की भूमिका कुलजीत नागरा ने निभाई, तो साधू सिंह धरमसोत ने डिप्टी सीएम सुखबीर बादल का किरदार निभाया। इस मॉक एसेंबली में तरलोचन सूंड को स्पीकर बनाया गया था।
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सीएलपी लीडर चरनजीत सिंह चन्नी ने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। बहस के दौरान चन्नी ने कहा कि बादलों ने पंजाब की जवानी को नशों से बर्बाद कर दिया। उन्हें पंजाब के लोगों से माफी मांगनी चाहिए। सुनील जाखड़ ने कहा कि पंजाब के हालात के लिए भाजपा जिम्मेदार है। 23 दिसंबर-2014 को कांग्रेस अविश्वास प्रस्ताव लाई थी।

तब भाजपा प्रदेश प्रधान कमल शर्मा ने कहा था कि अगर नशों के मुद्दे पर प्रस्ताव आता है तो भाजपा सरकार का साथ नहीं देगी। नवजोत सिद्धू और अनिल जोशी ने भी तब सरकार को घेरा था, लेकिन प्रस्ताव पर भाजपा पलट गई। उसके बाद ही पंजाब में हालात खराब हुए, सारी घटनाएं 2015 में ही हुईं। इस दौरान चन्नी ने दो बार प्वाइंट ऑफ ऑर्डर लिया।
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मुख्यमंत्री बादल से की गई इस्तीफे की मांग

विधानसभा गैलरी में पंजाब कांग्रेस विधायकों की मॉक असेंबली - फोटो : अमर उजाला
चन्नी ने कहा कि सुखबीर अकाली दल के पहले ऐसे प्रधान हैं, जो अमृतधारी नहीं हैं। इस पर सुखबीर बने धरमसोत खड़े हुए और विरोध किया, तो सुखजिंदर रंधावा और राजा वडि़ंग ने उन्हें चुप करा दिया।

जाखड़ ने कहा कि सरकार ने आय के सभी साधन बादल परिवार की तरफ मोड़ दिए हैं। तीन पॉवर प्लांट लगाने के बाद बिजली महंगी हो गई है। सुखबीर ने भ्रष्टाचार को कॉरपोरेटाइज कर दिया है। सीएम को फख्रे-कौम का खिताब दिया गया है।

पर बहबल कलां फायरिंग कांड के बाद वह अपनी कोठी में नजरबंद थे। एक ग्रंथी ने उन्हें सिरोपा देने से इंकार कर दिया था। बादल को उसी दिन इस्तीफा दे देना चाहिए था। जाखड़ ने मांग की कि प्रस्ताव को सर्व-सम्मति से पास किया जाए। जिसके बाद अविश्वास प्रस्ताव पास कर दिया गया।
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