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Punjab: विधायक सुखपाल खैरा ने नितिन गडकरी को लिखा पत्र, दिल्ली-कटरा एक्सप्रेस-वे के री-डिजाइन की उठाई मांग

Fri, 18 Aug 2023 01:27 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, कपूरथला (पंजाब)

सार

खैरा ने बताया कि भुलत्थ विधानसभा ब्यास नदी से घिरा है। नदी के जलग्रहण क्षेत्र में दिल्ली-कटरा एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया जा रहा है। यह गलत है। इसकी वजह से जनजीवन, संपत्ति और फसलों को काफी नुकसान पहुंचने की संभावना है।
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सुखपाल खैरा। - फोटो : फाइल
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विस्तार
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भुलत्थ इलाके में जलस्तर बढ़ने से बिगड़े हालात के बीच विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने दिल्ली-कटरा एक्सप्रेस-वे के री-डिजाइन की मांग उठाई है। खैरा ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखा। उन्होंने ब्यास नदी में बाढ़ की वजह से भुलत्थ और श्री हरगोबिंदपुर में मची तबाही के बारे में अवगत कराया। वहीं दिल्ली-कटरा एक्सप्रेस-वे के डिजाइन पर खामी का जिक्र किया। खैरा ने इस मांग के न पूरे होने पर केंद्र को संघर्ष का रास्ता अख्तियार करने की चेतावनी तक भी दी।

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नितिन गडकरी को लिखे पत्र में सुखपाल सिंह खैरा ने बताया कि वह इस पत्र के जरिये पंजाब की नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में बनाए जा रहे जम्मू-कटरा एक्सप्रेसवे के डिजाइन में एक बहुत गंभीर खामी की तरफ ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। चूंकि उनके निर्वाचन क्षेत्र भुलत्थ विधानसभा में लगभग 50 किलोमीटर से अधिक और विधानसभा श्री हरगोबिंदपुर में 15 किलोमीटर में ब्यास नदी बहती है। 

खैरा ने बताया कि भुलत्थ विधानसभा ब्यास नदी से घिरा है। नदी के जलग्रहण क्षेत्र में दिल्ली-कटरा एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया जा रहा है। यह गलत है। इसकी वजह से जनजीवन, संपत्ति और फसलों को काफी नुकसान पहुंचने की संभावना है। मौजूद समय में इस क्षेत्र में बनाया जा रहा एक्सप्रेस-वे सामान्य डिजाइन का है। 
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वहीं एक्सप्रेस-वे के नीचे से पानी की पाइप से जल निकासी का प्रावधान उचित नहीं है। इससे समस्या बढ़ेगी। जबकि डिजाइन सामान्य पुलों की तरह पूरे नदी के ऊपर एक स्तंभ आधारित ऊंची सड़क की तरह होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह तत्काल यह बहुत बढ़ी खामी आपके संज्ञान में ला रहे हैं,  क्योंकि दिल्ली-कटरा एक्सप्रेस-वे में उक्त दरिया क्षेत्र में कंक्रीट की दीवार बन गई है। इसकी वजह से भारी मात्रा में पानी जमा हो गया है। 

इस बढ़े पानी के दबाव से ब्यास नदी के दोनों ओर बने धुस्सी बांध के टूटने की आशंका है। उन्होंने चेताया कि अगर नदी का धुस्सी बांध टूट जाता है तो पंजाब में वर्ष 1988 में आई बाढ़ की तरह ही जान-माल और फसलों की भारी क्षति होने से कोई नहीं रोक सकता है। उन्होंने इस क्षेत्र में एक्सप्रेस-वे के री-डिजाइन का अनुरोध किया। 

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