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‘झूठी’ है नरेंद्र मोदी के 'मन की बात': सुरजेवाला

Mon, 23 Mar 2015 08:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रविवार को आकाशवाणी पर प्रसारित ‘मन की बात’ एक बार फिर ‘झूठी बात-पूंजीपतियों का साथ’ साबित हुई है।
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उन्होंने कहा कि ओलावृष्टि व बेमौसमी बारिश की मार झेल रहे देश के करोड़ों किसान उनका प्रवचन सुनने के बाद इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि उन्हें ‘मौसम और मोदी’ ने मिलकर मारा है।

रविवार को जारी बयान में सुरजेवाला ने कहा कि पीड़ित किसानों को मुआवजा राहत के रूप में केवल कोरे आश्वासनों का झुनझुना थमा देने से देश का अन्नदाता बुरी तरह निराश होकर ‘नरेंद्र मोदी-किसान विरोधी’ का नारा बुलंद करने पर मजबूर हो गया है।
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उन्होंने कहा कि देश में कृषि उपज की कीमतें लगातार औंधे मुंह गिर रही हैं। यूरिया, डीएपी व बीजों की उपलब्धता न होने से कालाबाजारी आम हो गई है। बैंकों एवं वित्तीय संस्थाओं ने किसानों को कृषि ऋण की सुविधा कम कर दी है। इसके चलते कृषि निर्यात बुरी तरह गिरा है।

आंकड़ों के साथ गिनाई प्रधानमंत्री की वादाखिलाफी

मोदी का हर वादा झूठा निकला
सुरजेवाला ने कहा कि लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान मोदी ने कालेधन की वापसी के बाद किसानों को उनकी लागत पर 50 फीसदी मुनाफा और फसलों के लाभकारी मूल्य देने की बात जोरशोर से कही थी। उन्होंने याद दिलाया कि पठानकोट में 24 अप्रैल, 2014 की जनसभा में मोदी की घोषणा थी - ‘हम फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बीज, पानी, खाद व श्रम की कीमत में 50 फीसदी मुनाफा जोड़कर करेंगे।

बाद में मोदी जी ने यही वायदा देश के हर हिस्से में दोहराया। बाद में भाजपा के घोषणा-पत्र के पेज-44 पर यही वादा लिखित में दोहराया गया। लेकिन सत्ता में आते ही नरेंद्र मोदी ने यह वादा रद्दी की टोकरी में डाल दिया। आज फसल की कीमतों का मूल्य न मिलने की बात करके पीड़ा पर नमक तो छिड़का लेकिन राहत, रास्ता और दिशा को पूरी तरह भूल गए।

खाद का संकट और कालाबाजारी
सुरजेवाला ने कहा कि रबी के बीते पांच महीनों में, उत्तर भारत में यूरिया की भयंकर कमी, कालाबाजारी, किसानों पर पुलिस की लाठियां व खाद के भंडारों की लूटपाट सुर्खियां बन गई हैं। जून-अक्तूबर, 2014 में मोदी सरकार मात्र 17.37 लाख टन यूरिया आयात कर पाई, जो साल 2013 के 43.82 लाख टन के मुकाबले लगभग एक तिहाई है।

उन्होंने कहा कि 2015-16 के बजट में यूरिया सब्सिडी मात्र 72 हजार 968 करोड़ रुपये दी गई है, जिसमें पिछले साल यानी 2014-15 का खाद कंपनियों का 40 हजार करोड़ रुपया बकाया भी शामिल है। यानी के इस साल 2015-16 में यूरिया सब्सिडी, बकाया काटे जाने के बाद मात्र 32 हजार 968 करोड़ रुपये है, जो पिछले साल से लगभग आधी है।

भूमि अधिग्रहण बिल पर चेहरा बेनकाब
सुरजेवाला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ का अधिकतर समय भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के बचाव में लगाया। उन्होंने कहा कि वे सबसे आवश्यक बात बताना भूल गए कि भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के द्वारा नये भूमि अधिग्रहण कानून-2013 की शरीर व आत्मा का कत्ल किया जा रहा है। किसानों के हितों की बलि देकर चुनिंदा पूंजीपतियों और औद्योगिक घरानों के हितों की रक्षा की जा रही है।
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मोदी ‘मन की बात’ मन में ही रखें

हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के प्रदेशस्तरीय सम्मेलन में पहुंचे शीर्ष नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित भाजपा सरकार की नीतियों को आड़े हाथ लेते हुए उनकी जमकर हमला बोला।

पूर्व मंत्री कुमार सैलजा से लेकर, किरण चौधरी और अशोक तंवर तक ने प्रधानमंत्री की किसानों के साथ ‘मन की बात’ कार्यक्रम पर सवाल खड़े करते हुए इसे एकमात्र प्रचार का साधन बताया।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर ने भी प्रधानमंत्री पर हमला बोलते हुए कहा कि पीएम मोदी अब आप मन की बात न करें। मोदी अब सिर्फ पार्टी के प्रचारक बनकर रह गए हैं। जो अच्छा प्रचार तो कर सकते हैं, परन्तु जमीनी तौर पर आज तक कुछ नहीं कर पाए हैं। उनको चाहिए किसानों से मन की बात न करके जमीनी स्तर पर कुछ करके दिखाएं।

सैलजा ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा की मोदी मन की बात मन में ही रखते हैं। धरातल पर उतरने की बात और काम करने की बात सिर्फ सोनिया गांधी ही करती हैं। मोदी जमीन पर उतरकर काम करना सीखें, हवा में बात न करें।

वहीं कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी ने कहा कि सोनिया गांधी के दौरे से यह सामने आया कि सिर्फ सोनिया गांधी ही किसानों की हितैषी हैं। इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार को जुमलों की सरकार बताया।
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