2014 में डॉ. धर्मवीर गांधी ने राजनीति में नए होने के बावजूद कांग्रेस की परनीत कौर को 20,942 वोटों के अंतर से हरा दिया था। अगर डॉ. गांधी को पटियाला से कांग्रेस की टिकट मिलती है, तो इस बार भाजपा की परनीत कौर के खिलाफ दो डॉक्टर चुनाव मैदान में होंगे। पटियाला से आप के प्रत्याशी डॉ. बलबीर सिंह नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं। पटियाला पंजाब की हॉट सीट बन गई है, जहां पर कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है।
पटियाला सीट कांग्रेस का पुराना गढ़ रही है, लेकिन इस बार परनीत कौर के भाजपा की तरफ से मैदान में उतरने के चलते चुनावी समीकरण बदल गए हैं। ऐसे में अपने गढ़ को बचाने के लिए कांग्रेस पूर्व सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी पर दांव खेल सकती है। कांग्रेस में आने से पार्टी को मजबूती मिलने की उम्मीद है। हालांकि, अभी कांग्रेस ने डॉ. गांधी को उम्मीदवार घोषित नहीं किया है, लेकिन यह लगभग तय माना ही जा रहा है कि वही मैदान में होंगे।
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हृदय रोग विशेषज्ञ 75 वर्षीय डॉ. धर्मवीर गांधी साफ-सुथरी शख्सियत के नेता माने जाते हैं। उनका पटियाला हलके के लोगों में एक राजनेता के साथ-साथ डॉक्टर के तौर पर भी काफी प्रभाव है। वह गरीब मरीजों का मुफ्त में ही इलाज करते हैं। शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ गांवों में डॉ. गांधी का काफी आधार है। वह एक अच्छे वक्ता भी माने जाते हैं।
2011 में भ्रष्टाचार विरोधी लहर से प्रभावित होकर डॉ. गांधी ने साल 2013 में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी। परनीत कौर को हराने के बाद आप हाईकमान की नीतियों से नाराजगी के चलते डॉ. गांधी ने पार्टी से किनारा कर लिया था। साल 2019 के लोकसभा चुनाव के समय डॉ. गांधी ने अपनी अलग पार्टी नवां पंजाब का गठन किया था। वह खुद पटियाला सीट से खड़े हुए थे। हालांकि, कड़े मुकाबले का सामना करने के बावजूद डॉ. गांधी पटियाला सीट से तीसरे नंबर पर रहे थे।
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पार्टी ने सर्वे कर ली राय
डॉ. गांधी अब तक पटियाला सीट से लोस चुनाव लड़ने से इन्कार करते आ रहे थे। उनका कहना था कि उनकी उम्र व सेहत उन्हें इसकी अनुमति नहीं देती है, क्योंकि यह एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने चुनावों में कांग्रेस का प्रचार करने की बात कही थी, लेकिन इसी बीच कुछ दिन पहले जब कांग्रेस ने एक सर्वे शुरू किया, जिसमें फोन करके पटियाला के लोगों से सवाल पूछा जाने लगा कि डॉ. गांधी, पूर्व विधायक हरदियाल सिंह कंबोज, पूर्व कैबिनेट मंत्री विजयइंद्र सिंगला के बीच वह किसे अपने उम्मीदवार के तौर पर देखना चाहेंगे। इस सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर ही उन्हें पार्टी में शामिल किया गया है।
भारत जोड़ो यात्रा में भी हुए थे शामिल
कांग्रेस में शामिल होने के बाद डॉ. गांधी ने कहा कि वह कांग्रेस लीडर राहुल गांधी के सिद्धांतों से प्रभावित होकर ही पार्टी में शामिल हो रहे हैं। भारत जोड़ो यात्रा के दौरान पहले वह जहां कन्याकुमारी से शुरुआत के समय उस यात्रा में शामिल हुए, फिर जब वह यात्रा पंजाब पहुंची तब भी इस यात्रा के हिस्सा बने। उसके बाद वह इस यात्रा में राहुल गांधी के साथ जम्मू कश्मीर में भी बने रहे। डॉ. धर्मवीर गांधी ने कहा यह मेरा दायित्व है कि मैं एक ऐसी पार्टी के साथ जुड़ूं जो देश के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक आदर्शों का प्रतीक हो, खासकर आगामी 2024 के चुनावों के बीच। कांग्रेस के साथ मेरा जुड़ाव अप्रत्यक्ष रूप से भारत जोड़ो यात्रा कन्याकुमारी, पंजाब और कश्मीर में मेरी भागीदारी के दौरान प्रकट हुआ था। उन्होंने कहा कि वह स्पष्ट करना चाहते हैं कि वह चुनावी टिकट के लिए कांग्रेस में शामिल नहीं हो रहे। पार्टी उन्हें उपयुक्त उम्मीदवार मानते हुए टिकट देती है तो वह चुनाव लड़ने को तैयार हैं। उन्होंने कहा राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी का यह पुनर्जीवित अवतार अखंडता का प्रतीक है। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस का पुनरुत्थान हुआ है, राष्ट्र के शीर्ष पर व्याप्त सत्तावादी प्रवृत्तियों के विरुद्ध एक सुरक्षा कवच के रूप में खड़ा होना।