पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने सूबे के एक मीडिया ग्रुप के प्रमुख से राज्य की आप सरकार के कथित दुर्व्यवहार की निंदा करते हुए कहा है कि राज्य में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि हिटलर की आत्मा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान में प्रवेश कर गई है।
बाजवा ने सोमवार को ट्वीट किया कि मैं पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार की ओर से प्रेस की स्वतंत्रता पर किए गए हमले की कड़ी निंदा करता हूं। लगता है सीएम भगवंत मान में हिटलर की आत्मा घुस गई है। यह चौंकाने वाली बात है कि मीडिया ग्रुप के प्रमुख को पंजाब सरकार की विभिन्न एजेंसियों से धमकियां मिल रही हैं।
इससे पहले सोमवार को बजट सत्र के दूसरे दिन सदन में भी खूब हंगामा हुआ। धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस के दौरान सीएम और प्रताप बाजवा के बीच बहस हो गई। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बाजवा के सवालों पर माहौल गरमा गया। इसके बाद सत्तापक्ष के सदस्य वेल तक पहुंच गए। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष ने दोपहर 2:30 बजे तक सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।
दोबारा कार्यवाही शुरू हुई तो प्रताप बाजवा ने आरोप लगाया कि सदन के नेता ने सदस्यों की तरफ उंगली उठा-उठा कर धमकी दी। सदस्यों का चरित्र हनन किया। बाजवा ने मांग की है कि सदन के नेता अपने शब्द वापस लें और माफी मांगे। उन्होंने कहा कि बड़े अच्छे माहौल में बहस चल रही थी लेकिन सदन के नेता ने धमकाया।
बाजवा ने कहा कि धमकियों के बाद अगर अब किसी सदस्य को नुकसान पहुंचा, अगर किसी का एक्सीडेंट हुआ या गोली मार दी गई तो एफआईआर भगवंत मान पर कराई जाएगी। इसके बाद कांग्रेस के सभी सदस्य वेल में स्पीकर के सामने पहुंच गए। सुखपाल खैरा ने कहा कि सदन के नेता ने सभी को अपराधी ठहरा दिया है। अब जांच की भी जरूरत नहीं रही। इसके बाद सदन तीन बजे तक स्थगित कर दिया गया।