ट्विटर पर नवजोत सिंह सिद्धू ने साझा की तस्वीर।
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पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू गुरुवार को नई दिल्ली में पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा से मिले। सिद्धू ने कहा कि उनकी अपने 'नेताओं' और पंजाब राज्य के लिए उनकी प्रतिबद्धता अटल रहेगी। रोडरेज के मामले में एक साल की सजा काटकर गत एक अप्रैल को जेल से रिहा हुए सिद्धू की गुरुवार को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से यह पहली मुलाकात थी। इस संबंध में सिद्धू ने ट्वीट कर जानकारी दी। उन्होंने लिखा- आज नई दिल्ली में अपने गुरु राहुल जी और मित्र, दार्शनिक, मार्गदर्शक प्रियंका जी से मिला। आप मुझे जेल में डाल सकते हैं, मुझे डरा सकते हैं, मेरे सभी वित्तीय खातों को ब्लॉक कर सकते हैं लेकिन पंजाब और मेरे नेताओं के लिए मेरी प्रतिबद्धता न तो झुकेगी और न ही एक इंच पीछे हटेगी!
सिद्धू को सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल मई में रोडरेज के 1988 के मामले में एक साल की कैद की सजा सुनाई थी, जिसमें उन्होंने गुरनाम सिंह नामक व्यक्ति को कथित रूप से पीटा था। बाद में उनकी अस्पताल में मौत हो गई थी।
जेल से रिहा होने के तुरंत बाद सिद्धू ने कहा था कि लोकतंत्र जंजीरों में जकड़ा हुआ है और पंजाब में राष्ट्रपति शासन लगाने की साजिश हो रही है। अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है। अगर आप पंजाब को कमजोर करने की कोशिश करेंगे तो आप कमजोर हो जाएंगे।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी को हाल ही में लोकसभा सांसद के रूप में अयोग्य घोषित कर दिया गया है। इस पर सिद्धू ने कहा था कि वायनाड के पूर्व सांसद सरकार को हिला देंगे। इस देश में जब भी कोई तानाशाही आई है, एक क्रांति भी आई है और इस बार उस क्रांति का नाम राहुल गांधी है। वह सरकार को हिला देंगे।
इस बीच, नवजोत सिद्धू जालंधर में आठ अप्रैल को कांग्रेस के दिवंगत सांसद संतोष चौधरी के परिवार से मिलने पहुंचेंगे और उनके साथ दुख साझा करेंगे। कांग्रेस ने दिवंगत सांसद चौधरी की पत्नी को जालंधर लोकसभा उपचुनाव में अपना प्रत्याशी घोषित किया है। इस तरह नवजोत सिद्धू, चौधरी परिवार से मिलने के साथ ही जालंधर में पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करते हुए सूबे की राजनीतिक गतिविधियों में वापसी करेंगे।