नेताओं की कार्यप्रणाली से आहत प्रदेश कांग्रेस सीनियर वाइस चेयरमैन आरटीआई सेल गगनदीप सिंह थ्रीके ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ को भेजे इस्तीफे में थ्रीके ने लिखा है कि वह वर्करों की हो रही अनदेखी और सरकार की नीतियों से दुखी होकर पार्टी से इस्तीफा दे रहे है। 26 फरवरी की रात को उन्होंने अपना इस्तीफा प्रदेश प्रधान को भेज दिया है।
थ्रीके ने बताया कि उनका परिवार शुरूआत से कांग्रेस पार्टी से जुड़ा है। साल 2017 में जब कांग्रेस सत्ता में वापस आई तो आम जनता को उम्मीद थी कि उनके हालात में सुधार होगा। तीन साल के शासन के बाद सभी उम्मीदें आम जनता की धराशाई हो चुकी है। यही नहीं पार्टी वर्कर भी गलत नीतियों का शिकार हो चुके है। साल 2014 और 2017 में जिन पार्टी नेताओं की उन्होंने चुनाव में खुलकर साथ दिया, उनके इशारे पर उन पर दो झूठे मामले दर्ज हुए। अदालत में लड़ाई लड़ने के बाद यह दोनों मामले उनके पक्ष में रहे है।
पंचायत चुनाव में हेराफेरी कर पत्नी को हराया
गगनदीप सिंह के अनुसार उनकी पत्नी सुखदीप कौर अरोड़ा थ्रीके ने दिसंबर 2018 में पंचायत चुनाव लड़ा था। उनके जद्दी गांव थ्रीके में चुनाव अधिकारी ने परिणाम जारी करते बताया कि उनकी पत्नी को 153 और विजयी प्रत्याशी को 410 वोट मिले हैं। उन्होंने हेराफेरी के शक के चलते किसी दस्तावेज पर साइन नहीं किए। आखिरकार 24 मई 2019 को आरटीआई के तहत मतदान की जानकारी देने के लिए कहा। एक साल तक उन्हें जानकारी नहीं दी।
सूचना आयोग के पास मामला पहुंचने पर जिला प्रशासन ने जानकारी दी कि उनकी पत्नी को 410 वोट पड़े थे, जबकि विजयी प्रत्याशी को 153 वोट पड़े थे। इस पर उन्होंने मतों की गिनती दोबारा कराने के लिए अर्जी डीसी के पास लगाई। अब प्रशासन के अधिकारी बोल रहे है कि तीन माह के अंदर प्रत्याशी अपनी आपत्ति दायर कर सकता था। सवाल यही है कि अगर उन्हें आरटीआई के तहत जानकारी पहले मुहैया करवा दी होती तो वह उसी समय अपनी आपत्ति दर्ज करवाते। इसकी शिकायत उन्होंने प्रदेश चुनाव आयुक्त से की है।