काफी अटकलों के बीच कांग्रेस ने वरिष्ठ नेत्री अंबिका सोनी पर विश्वास जताते हुए उन्हें फिर पंजाब से राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है। हालांकि इस सीट के लिए कांग्रेस प्रवक्ता और पूर्व सांसद मनीष तिवारी और पंजाब विधानसभा में विपक्ष के पूर्व नेता सुनील जाखड़ भी दौड़ में थे। लेकिन कांग्रेस हाईकमान द्वारा शनिवार को अंबिका सोनी सहित आठ उम्मीदवारों के नामों पर अपनी मुहर लगा दी।
इस तरह अंबिका पांचवीं बार राज्यसभा में कदम रखने की ओर अग्रसर हैं। संभावना है कि अंबिका सोनी सोमवार को राज्यसभा के लिए अपना नामांकन पत्र भरेंगी। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता के अनुसार अंबिका सोनी की हाईकमान के पास अच्छी साख है और उनके नाम पर मुहर लगनी ही थी। उल्लेखनीय है कि शिरोमणि अकाली दल ने भी अपने पुराने राज्यसभा सदस्य बलविंदर सिंह भुंदड़ पर आस्था जताई है और उन्होंने बाकायदा अपना नामांकन पत्र भी दाखिल कर दिया है।
13 नवंबर 1942 को लाहौर में जन्म लेने वाली अंबिका सोनी ने 1969 में इंदिरा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ज्वाइन की, जब कांग्रेस में बिखराव हो गया था। 1976 में वह पहली बार राज्यसभा के लिए चुनी गईं। जनवरी 2000 में वह फिर राज्यसभा में पहुंची। लेकिन 10 जून 2004 को उन्होंने इस्तीफा दे दिया। 29 जनवरी 2006 को वह तीसरी बार और जुलाई 2010 में चौथी बार राज्यसभा के लिए चुनी गईं। यूपीए सरकार में वह सूचना एवं प्रसारण मंत्री भी रहीं।