किसानों की हालत देखकर आहत हुए मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कांग्रेस के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की गलत नीतियों के कारण ही सूबे का किसान 32 हजार करोड़ के कर्ज तले दबा है। पंजाबी खासकर सिख कांग्रेस के पंजाब विरोधी रवैये को कभी भुला नहीं सकते।
कांग्रेस ने हमेशा ही सिखों के सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और धार्मिक मामलों में अनावश्यक दखल दिया है। 1984 में श्री दरबार साहिब पर फौजी हमला और बेगुनाह सिखों का कत्ल इसकी मिसाल है। लोग कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेंगे।
मुख्यमंत्री बादल लुधियाना में आयोजित छपार मेले में राजनीतिक कांफ्रेंस में हिस्सा लेने आए थे। कांफ्रेंस के बाद पत्रकारों से बातचीत में सीएम ने कहा कि अकाली-भाजपा गठजोड़ अटूट है। अकाली दल भाजपा से अलग होने के बारे में सोच भी नहीं सकता।
किसानों को दिया 600 करोड़ का मुआवजा
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने सफेद मक्खी से हुए नुकसान की भरपाई के लिए किसानों को 600 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है।
कांफ्रेंस के दौरान यह एलान करते हुए बादल ने कहा कि पंजाब सरकार हर हाल में किसानों की हितों की रक्षा करेगी। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को मुआवजा राशि जल्द से जल्द प्रभावित किसानों तक पहुंचाने के निर्देश जारी किए हैं।
सीएम ने कहा कि वे किसानों के दर्द से अच्छी तरह वाकिफ हैं। सरकार ने हमेशा किसानों का साथ दिया है और आगे भी उनके हितों का ख्याल रखा जाएगा। पिछले आठ साल में सरकार ने किसानों को 28 हजार करोड़ रुपये से अधिक की बिजली मुफ्त दी है।
दूसरे राज्य को पानी नहीं दिया जा सकता
वहीं एक सवाल के जवाब में बादल ने कहा कि दूसरे राज्य को पानी नहीं दिया जा सकता। पंजाब की अपनी जरूरतें हैं। उसके पास किसी अन्य राज्य के लिए एक बूंद भी पानी नहीं है।
बादल ने कहा कि चंडीगढ़ समेत सूबे के पानी के मसले कांग्रेस सरकारों के कारण ही हल नहीं हो पाए हैं, लेकिन अकाली दल सरकार इनके हल के लिए वचनबद्ध है।
केंद्र की एनडीए सरकार के कार्यकाल में पंजाब को काफी फायदा मिल रहा है। कांफ्रेंस में सिंचाई मंत्री शरणजीत सिंह ढिल्लों, सीएम के सलाहकार महेश इंद्र सिंह गरेवाल, मनप्रीत सिंह अयाली, एसआर कलेर और रंजीत सिंह ढिल्लों मौजूद रहे।