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पंजाब: निगम चुनाव के लिए टिकटों पर माथापच्ची में जुटी कांग्रेस

Mon, 04 Dec 2017 02:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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- फोटो : File Photo
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नगर निगम चुनाव में टिकटों को लेकर कांग्रेस अंतिम दौर की माथापच्ची में जुट गई है। रविवार को प्रदेश कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ ने इस संबंध में तीनों शहरों की स्क्त्रस्ीनिंग कमेटी के सदस्यों के साथ औपचारिक बैठक की। पार्टी की राज्यस्तरीय स्क्त्रस्ीनिंग कमेटी की बैठक सोमवार को चंडीगढ़ में होगी। जिसमें उम्मीदवार का एलान होने की संभावना है।
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जालंधर, पटियाला और अमृतसर नगर निगम के चुनाव 17 दिसंबर को होने हैं। जिसके लिए नामांकन की आखिरी तारीख छह दिसंबर है। लेकिन सत्ताधारी कांग्रेस अब तक उम्मीदवार फाइनल नहीं कर सकी है। कांग्रेस ने तीनों निगमों की कमान एक-एक मंत्री को सौंपी है। अमृतसर में तृप्त रजिंदर बाजवा, जालंधर में अरुणा चौधरी और पटियाला में साधू सिंह धरमसोत को स्क्त्रस्ीनिंग कमेटी का इंचार्ज बनाया गया था।

 सूत्रों के मुताबिक जाखड़ ने दिल्ली में तीनों कमेटियों के सदस्यों के साथ बैठक की। बैठक में विधायकों को भी बुलाया गया था। लेकिन जालंधर से कोई भी विधायक नहीं गया। अमृतसर से कुछ विधायक बैठक में शामिल हुए थे। हालांकि बैठक में उम्मीदवारों के पैनल पर कोई चर्चा नहीं हो सकी। राज्यस्तरीय स्क्त्रस्ीनिंग कमेटी की मीटिंग सोमवार को चंडीगढ़ कांग्रेस भवन में रखी गई है। जिसमें तीनों निगमों के लिए उम्मीदवारों के पैनल पर विचार किया जाएगा। माना जा रहा है कि कांग्रेस सोमवार को सभी कैंडिडेट का एलान कर देगी। कांग्रेस के लिए सबसे ज्यादा मुश्किल अमृतसर में आ रही है। वहां पुराने कार्यकर्ताओं और पैराशूट कैंडिडेट के बीच जबरदस्त जंग छिड़ने के आसार हैं, कुछ लोग बागी भी हो सकते हैं। 
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निकाय मंत्री नवजोत सिद्धू कांग्रेस में शामिल हुए तो उनके कई समर्थक भी आ गए। अब वे इस बार निगम चुनाव में टिकट के दावेदार हैं। जबकि, उसी हलके से पुराने कांग्रेस भी दावा ठोंक रहे हैं। इसी तरह सुनील दत्ती का हलका बदला तो उनके कई समर्थकों ने पहले ही नए हलके में आकर निगम चुनाव की तैयारी शुरू कर दी थी। जबकि, वहां पुराने कांग्रेस वर्कर पहले से दावेदारी पेश कर रहे हैं। अब पार्टी के लिए इनमें से एक को चुनना मुश्किल हो गया है। जालंधर में भी पहले ऐसी स्थिति बनी थी, लेकिन सभी विधायकों ने साफ कर दिया कि दूसरी पार्टियों से आए लोगों के बजाय पुराने वर्करों को ही तरजीह दी जाएगी।
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