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बजट पर भड़की कांग्रेस, बंसल बोले- केंद्र सरकार ने बनाया बेवकूफ

Thu, 02 Feb 2017 01:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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Pawan Kumar Bansal - फोटो : फाइल फोटो
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युवा कांग्रेस का अध्यक्ष का कहना है कि ऐसा लगता है कि केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ के बारे में ही सोचना बंद कर दिया है। चंडीगढ़ के हाथ खाली के खोली ही रह गए हैं। इस बजट में युवाओं क लिए नए रोजगार पैदा करने का कोई प्रावाधान नहीं है। यह बजट लोगों के लिए ऊंट में जीरा देने के समान है।
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पूर्व मेयर एवं कांग्रेस नेता सुभाष चावला का कहना है कि बजट में कुछ भी ऐसा नहीं है जिससे महंगाई कम हो। नोटबंदी के कारण लोगों को काफी उम्मीदे थे लेकिन सरकार से सिर्फ आकड़ों को इधर उधर करके ही हेरफेर किया है।

उद्योगपति मुकेश बस्सी का कहना है कि युवाओं के बारे में बजट में कुछ नहीं है। जबकि स्टार्टअप युवाओं को काफी उम्मीद थी। उनका कहना है कि जनरल इंड्रस्टी के भी लिए कोई बड़ी घोषणा नहीं की गई है। उद्योगपतियों की उम्मीदों पर पानी फिरा है। टैक्सों में कटौती होनी चाहिए थी।
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पूर्व मेयर राज बाला मलिक का कहना है कि काफी बढ़िया बजट है। हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है।  सरकार द्वारा मनरेगा में भी 10 हजार करोड का बजट का बढावा देकर आम आदमी और अधिक फायदा देने की और एक कदम हैं।

'चंडीगढ़ के साथ केंद्र सरकार ने भेदभाव किया'

arun jaitly - फोटो : Getty Images
पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल का कहना है कि केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ का बेवकूफ बनाया है। बजट बढ़ने की बजाय असल में कम हुआ है। जिसका प्रभाव विकास के कामों पर पड़ेगा। 

उनका कहना है कि इस रेवन्यू बजट में केंद्र सरकार ने 475 करोड़ रुपये दिया जिसमे स्मार्ट सिटी का 100 करोड़ रुपये अलग से है उनका कहना है कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में साल 2014-15 में जो बजट पास हुआ था उसमे चंडीगढ़ को प्लान बजट में 875 करोड़ मिला था। 

उनका कहना है कि चंडीगढ़ के साथ केंद्र सरकार ने भेदभाव किया है। केंद्र सरकार के बजट से कोई भी रोजगार पैदा करने की बात नहीं की गई जबकि सरकार ने हर साल एक करोड़ नौकरियां देने का दावा किया था। जो पुरानी योजनाएं घोषित की गई है उनका भी कोई अता पता नहीं है।  कृषि क्षेत्र में विकास के लिए केाई चींज नहीं है।

फासवेक के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र शर्मा का कहना है कि बजट से महंगाई कम होने की उम्मीद थी जो कि नहीं हुई। होटलों में चार्ज किया जाने वाला सर्विस टैक्स और वैट के रेट कम होना चाहिए था। उनका कहना है कि चंडीगढ़ के लिए किसी बड़े प्रोजेक्ट की घोषणा होनी चाहिए थी।
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इससे अच्छा बजट संभव नहीं : टंडन

बजट को भाजपा ने सराहा - फोटो : अमर उजाला
डमी बजट : बिट्टू 
फासवेक अध्यक्ष बलजिंदर सिंह बिट्टू का कहना है कि बजट सिर्फ एक लालीपाप है। लोगों को उम्मीद थी कि 5 लाख तक आयकर की छूट सीमा मिलेगी। बाकी बजट में भी कुछ नहीं है। सिर्फ डमी बजट है किसी को भी कोई राहत नहीं मिली है।

ज्वेलर्स के लिए कुछ नहीं : सहदेव
ज्वेलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव सहदेव का कहना है कि आभूषण विक्रेताओं के लिए बजट में कुछ नहीं है। उम्मीद थी कि विदेश से आने वाले ज्वेलरी में एक्साइज ड्यूटी कम होगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। एक्साइज ड्यूटी कम होती तो सोने के रेट में भी फर्क आता।

इससे अच्छा बजट संभव नहीं : टंडन
भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन का कहना है कि यह गरीब कल्याण बजट है। इस बजट से ईमानदार आदमी को ईनाम और बेइमान आदमी परेशान है। मध्य वर्ग और गरीब लोगों को देखते हुए बजट बनाया गया है। राजनीतिक क्षेत्र में पारदर्शिता लाने वाला बजट है। इससे ज्यादा बढ़िया और संतुलित बजट बन ही नहीं सकता है।

पीपल फ्रेंडली बजट : आशा जसवाल
मेयर आशा जसवाल का कहना है कि पीपल फ्रेंडली बजट है। लोगों के कल्याण को देखते हुए बनाया गया है। महिलाओं और बुजुर्गों के लिए विशेष फंड रखा गया है। डिजिटाइेशन पर विशेष ध्यान दिया गया है जिससे अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

व्यापारियों को ज्यादा उम्मीद थी : वोहरा
व्यापार मंडल का अध्यक्ष अनिल वोहरा का कहना है कि मिक्स बजट है। व्यापारियों को ज्यादा उम्मीद थी लेकिन फिर कुछ राहत जरूर मिली है। व्यापारियों को आयकर की छूट सीमा 4 लाख तक की उम्मीद थी जो कि तीन लाख तक की गई है।
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