वर्चुअल रैली में कांग्रेस ने रविवार को भाजपा पर हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सात प्रश्नों के उत्तर मांगे हैं। कांग्रेस का कहना है कि राष्ट्र हित के लिए तब तक प्रश्न पूछे जाते रहेंगे, जब तक कि पीएम मोदी और भाजपा से इसके उत्तर नहीं मिल जाते। कांग्रेस के नेताओं ने पीएम केयर्स फंड पर भी गंभीर प्रश्न उठाए हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन कुमार बंसल और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने कहा कि पीएम मोदी के दोहरे चरित्र हैं। भाजपा और मोदी सरकार ने करोड़ों रुपये चीनी धन राशि पीएम केयर्स फंड में दान के रूप में हासिल की है। लद्दाख और दूसरी जगहों पर चीनी सेना ने हमारे कई क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया है।
चीनी हमले में हमारे बीस सैनिक शहीद हुए हैं। फिर भी पीएम केयर्स में दान के माध्यम से भाजपा और पीएम मोदी चीन से पैसे ले रहे हैं। बंसल व छाबड़ा ने कहा कि रिपोर्ट्स बताती हैं कि इस वर्ष के बीस मई तक पीएम मोदी को विवादास्पद पीएम केयर्स फंड में 9678 करोड़ रुपये मिले हैं। इसका किसी भी सार्वजनिक अथॉरिटी द्वारा ऑडिट नहीं किया जा सकता है।
कांग्रेस के सात सवाल, जिनके पीएम से मांगे हैं जवाब
1. चीन की शत्रुता के बावजूद पीएम मोदी को पीएम केयर्स फंड में चीन से दान क्यों मिला है।
2. क्या पीएम को पीएम केयर्स फंड्स में विवादास्पद कंपनी हुवेई से 7 करोड़ रुपये मिले हैं। क्या हुवेई का चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के साथ सीधा संबंध है।
3. क्या चीन की कंपनी टिकटॉक के पास से विवादास्पद पीएम केयर फंड के लिए तीस करोड़ रुपये दान में मिले हैं।
4. क्या पेटीएम ने विवादास्पद पीएम केयर्स फंड में 100 करोड़ रुपये दान दिए हैं जिसमें 38 चीन का हिस्सा हैं।
5. क्या शियोमी चीनी कंपनी ने विवादास्पद पीएम केयर्स फंड में 15 करोड़ रुपये दान में दिए हैं।
6. क्या चीनी कंपनी ओपो ने इस विवादास्पद पीएम केयर्स फंड को एक करोड़ रुपये का दान दिया है।
7. क्या प्रधानमंत्री मोदी ने विवादास्पद पीएम केयर्स फंड में पीएमएनआरएफ में प्राप्त दान को डायवर्ट किया है और कितने 100 करोड़ रुपये की राशि डायवर्ट की गई है।
पीएम मोदी चीन के प्रति नरम रवैया अपनाया है...
कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि हम सब अच्छी तरह जानते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी का चीन के लिए एक विशेष नरम रवैया है। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में भी सभी ने चीन के साथ उनके करीबी संबंध को देखा। इतना ही नहीं गुजरात के सीएम के रूप में उनकी चार चीन यात्राएं चीन के साथ उनके प्रेम का प्रमाण हैं। इसके अलावा वह एकमात्र प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान पांच बार चीन का दौरा किया है। फिर भी 45 वर्षों में पहली बार हमने भारत-चीन सीमा पर एक खूनी हिंसक झड़प देखी, जिसमें भारतीय सेना के 20 बहादुर सैनिकों की शहादत हुई है।