आप और कांग्रेस की सहमति से प्रस्ताव पास हो गया, खैरा गुट तटस्थ बना रहा। बिक्रम मजीठिया ने कहा कि संवैधानिक संकट खड़ा हो गया है। मैच फिक्स है, आप, कांग्रेस की बी-टीम है। सिद्धू ने कहा कि कुछ दिन पहले यह फूलका को सम्मानित कर रहे थे, अब समस्या हो गई।
अकालियों पर पलटवार करते हुए नेता प्रतिपक्ष हरपाल चीमा ने कहा कि शिअद चुनाव चाहता ही नहीं, जिन्हें समस्या है वे बाहर चले जाएं। इससे पहले अकालियों ने किसान आत्महत्याओं पर कार्य स्थगन प्रस्ताव खारिज करने के मुद्दे पर भी हंगामा किया। स्पीकर ने कहा कि उन्हें प्रस्ताव देरी से मिला है। अकालियों का कहना था कि कोर्ट के जिस मुलाजिम ने रात दस बजे रिसीव किया, उस पर कार्रवाई की जाए।
चुनाव में देरी लोगों से पक्षपात : सीएम
सदन के बाहर पत्रकारों से बातचीत में सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि गुरुद्वारों पर नियंत्रण वाली उच्च्च संस्था के ठीक समय पर चुनाव लोगों का अधिकार है। इसमें देरी लोगों के साथ पक्षपात है। इसमें वोट करना हर सिख का अधिकार है। इस मुद्दे पर सर्व-सम्मति थी, सिर्फ शिअद-भाजपा विरोध में थे।
अकाली हुए बेनकाब : चीमा
नेता प्रतिपक्ष हरपाल चीमा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि एसजीपीसी चुनाव पर स्टैंड से अकाली फिर बेनकाब हो गए हैं। जब प्रस्ताव पास हुआ तो न वे विरोध कर सके, न समर्थन। उन्होंने खुद स्पीकर से पूछा कि यह स्पष्ट किया जाए कि ये विरोध में हैं या समर्थन में। पर अकाली प्रस्ताव पर पूरी तरह चुप रहे।