ईवीएम मशीन के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेताओं और पार्षदों ने यूटी गेस्ट हाउस में जमकर हंगामा किया। कांग्रेस के हारे हुए पार्षद करीब एक घंटे तक चुनाव आयुक्त के कमरे के बाहर खड़े रहे उन्होंने पीएम मोदी और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी भी की।
जब हंगामा ज्यादा बढ़ा तो चुनाव आयुक्त एसके श्रीवास्तव बात छोड़कर अपने कमरे में चले गए जिसके बाद कांग्रेस के सभी उम्मीदवार चुनाव आयुक्त के साथ बैठक करने के लिए अड़े रहे लेकिन चुनाव आयुक्त ने अधिकारी इस बात पर अड़े रहे कि वह लिखित में इसकी शिकायत दे दे।
बाद में पूर्व मेयर सुभाष चावला और एचएस लक्की को चुनाव आयुक्त से अलग से मिलवाया गया। कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा का कहना है कि ईवीएम मशीनों के साथ भाजपा ने प्रशासन की मिलीभगत के साथ छेड़छाड़ करवाई है।
उनका कहना है कि चुनाव आयोग को ईवीएम मशीनों को अपने कब्जे में लेना चाहिए ताकि जब वह कोर्ट में अरजी दाखिल करे तो उस समय कोर्ट के आदेश पर जांच हो सके। अगर अभी ईवीएम मशीने प्रशासन प्रशासन के कब्जे में रहेगी तो फिर से छेड़छाड़ हो सकेगी।