वर्तमान मेयर कुलदीप कुमार सुप्रीम कोर्ट के 20 फरवरी 2024 के आदेश के बाद कुर्सी पर बैठे थे। हालांकि मेयर के लिए वोटिंग 30 जनवरी 2024 को ही हो चुकी थी। आप नेताओं का कहना है कि यदि चुनाव 20 फरवरी से पहले कराए गए, तो वे कोर्ट में जाएंगे।
चंडीगढ़ नगर निगम में मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव की तारीख पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। नगर निगम ने चुनाव प्रक्रिया शुरू करने के लिए डीसी निशांत कुमार यादव को पत्र लिख दिया है और तिथि तय करने का आग्रह किया है।
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वहीं आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस ने मांग की है कि मेयर का चुनाव 20 फरवरी से पहले न कराया जाए। आप और कांग्रेस दोनों आपत्ति जता रहे हैं। 20 फरवरी से पहले चुनाव कराने पर आप ने कोर्ट जाने की बात कह दी है।
20 फरवरी 2024 को मेयर बने थे कुलदीप कुमार
आम आदमी पार्टी और कांग्रेस का तर्क है कि वर्तमान मेयर कुलदीप कुमार का कार्यकाल 19 फरवरी 2025 तक होना चाहिए, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने 20 फरवरी 2024 को आदेश देकर मेयर के चुनाव को अंतिम रूप दिया था। हालांकि मेयर के लिए वोटिंग 30 जनवरी 2024 को ही हो चुकी थी। आप नेताओं का कहना है कि यदि चुनाव 20 फरवरी से पहले कराए गए, तो वे कोर्ट में जाएंगे। कांग्रेस ने भी आप के रुख का समर्थन किया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि चुनाव की प्रक्रिया में जल्दबाजी नहीं की जानी चाहिए। वर्तमान मेयर को भी अन्य की तरह पूरा एक साल मिलना चाहिए। उधर, नगर निगम ने चुनाव कराने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। निगम ने डीसी को पत्र भेजकर चुनावी प्रक्रिया शुरू करने की सिफारिश की है। अब डीसी की ओर से चुनाव की तारीख तय की जाएगी।
क्या कहते हैं नियम?
नगर निगम एक्ट के मुताबिक मेयर का कार्यकाल एक साल का होता है। एक्ट में लिखा है कि मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर अपने पद पर बने रहेंगे जब तक कि उनके स्थान पर नए व्यक्ति का चुनाव न हो जाए। उनका कार्यकाल समाप्त हो सकता है यदि वे इस्तीफा दे दें या निगम सदस्य के रूप में उनका कार्यकाल समाप्त हो जाए या किसी सीनियर डिप्टी मेयर को मेयर के रूप में चुना जाए।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बने इस विशेष मामले में स्थिति स्पष्ट नहीं है। क्या मेयर का कार्यकाल सुप्रीम कोर्ट के आदेश की तारीख से गिना जाएगा या 30 जनवरी 2024 से, इसमें असमंजस है। इस विवाद का समाधान डीसी की तरफ से तारीख तय करने की घोषणा के बाद ही होगा। अगर चुनाव 20 फरवरी से पहले कराए जाते हैं, तो आम आदमी पार्टी इसे कोर्ट में चुनौती देने के लिए तैयार है। कांग्रेस भी इस मुद्दे पर आप के साथ खड़ी नजर आ रही है।
मेरे पास चुनाव की तिथि के लिए फाइल आ चुकी है, लेकिन अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है। -निशांत कुमार यादव, डीसी
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार मेयर का कार्यकाल पूरे एक साल के लिए होगा। 20 फरवरी से पहले चुनाव नहीं होना चाहिए क्योंकि मेयर का कार्यकाल एक साल का होता है। अगर पहले चुनाव कराए जाएंगे तो इसके खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया जाएगा। - एसएस आहलूवालिया, सह-प्रभारी, प्रदेश आप
मेयर का कार्यकाल पूरे एक साल का होता है। हमारी स्पष्ट मांग है कि वर्तमान मेयर को अपना 20 फरवरी तक का कार्यकाल पूरा करने देना चाहिए। साथ ही हाथ खड़े कराकर चुनाव कराने के प्रस्ताव को पहले मंजूरी देनी चाहिए। उसके बाद चुनाव की तिथि की घोषणा होनी चाहिए। - एचएस लक्की, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस