पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (पीसीए) में पदाधिकारियों के बीच घमासान मच गया है। अध्यक्ष गुलजार सिंह चहल के खिलाफ एसोसिएशन के पदाधिकारी खुलकर सामने आ गए हैं। इस कड़ी में अब पूर्व क्रिकेटर, राज्यसभा सांसद और पीसीए के मुख्य सलाहकार हरभजन सिंह भी मैदान में कूद पड़े हैं।
पीसीए और अध्यक्ष गुलजार इंदर सिंह चहल के खिलाफ मोर्चा खोलता हुए उन्होंने ओपन लेटर लिखकर कई सनसनी आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि बिना जनरल बॉडी और चीफ एडवाइजर की सलाह लिए पीसीए अध्यक्ष हर फैसला खुद ही ले रहे हैं। अब वे पीसीए में 150 नए मेंबर्स को शामिल करने जा रहे हैं। इन मेंबर्स को वोट का भी अधिकार दिया जाएगा ताकि पूरी एसोसिएशन पर उन्हीं का कब्जा हो। इन मैंबरों के जरिए वह अगले चुनाव में सत्ता हासिल करने मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह बीसीसीआई के संविधान और पीसीए की गाइड लाइन के खिलाफ है। इतना ही नहीं वे अवैध गतिविधियों को छुपाने के लिए पीसीए की औपचारिक मीटिंग भी नहीं बुला रहे हैं। ऐसे में उनकी कानूनी व नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि हर अवैध गतिविधि को पीसीए सदस्यों के सामने लाएं। उन्होंने कहा कि पिछले दस दिनों में पंजाब के कई क्रिकेट प्रेमियों की तरफ से लगातार शिकायतें आ रही हैं कि पीसीए अध्यक्ष कई अवैध गतिविधियों में शामिल हैं। उन्होंने पीसीए लोकपाल से मांग की कि बिना जनरल बॉडी और चीफ एडवाइजर की सलाह के नए मेंबर्स को शामिल न किए जाए। इसके अलावा उन्होंने पीसीए में हो रही अवैध गतिविधियों पर भी रोक लगाने के लिए भी लोकपाल को दखल देने की मांग की है।
पीसीए के संयुक्त सचिव सुरजीत रॉय ने भी लगाए ये आरोप
देश की प्रमुख क्रिकेट एसोसिएशन में से एक पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन में चल रहे उठापटक के दौर के बीच पीसीए के संयुक्त सचिव सुरजीत रॉय ने भी पीसीए अध्यक्ष के खिलाफ लोकपाल और आचरण अधिकारी को शिकायत पत्र लिखकर आरोप लगाए हैं। पत्र में उन्होंने भी अध्यक्ष पर गलत तरीके से अपने दोस्तों, और परिवार के सदस्यों को आजीवन सदस्यता दिए जाने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने हरभजन सिंह के लोकपाल को भेजे पत्र की पुष्टि करते हुए कहा कि जो कुछ भी हो रहा है उसे भज्जी सामने ला रहे हैं। इस पत्र की प्रति अध्यक्ष चहल के अलावा पीसीए के मुख्य सलाहकार हरभजन सिंह को भी भेजी गई है। इसमें सचिव, एपेक्स काउंसिल सदस्यों तक के भी हस्ताक्षर है।